Bihar Government Employees Competitive Exam Rules: बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब राज्य के सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
दूसरी बार के लिए छोड़नी होगी नौकरी
नए नियम के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षा देना चाहता है, तो उसे पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा देना होगा। यानी सेवा में रहते हुए अब बार-बार परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले से उन कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा, जो नौकरी करते हुए बेहतर अवसरों की तलाश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते थे।
इससे कर्मचारी अपने वर्तमान कार्य के प्रति होंगे गंभीर
सरकार का मानना है कि इस कदम से कर्मचारी अपने वर्तमान कार्य के प्रति अधिक गंभीर होंगे। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी कर्मचारी हर साल विभिन्न परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं, जिससे न सिर्फ प्रतियोगिता बढ़ती है, बल्कि उनके कामकाज पर भी असर पड़ता है।
कामकाज पर फोकस बढ़ाने की कोशिश
विभाग के मुताबिक, बार-बार परीक्षा की तैयारी और आवेदन प्रक्रिया के कारण कर्मचारी अपने दायित्वों पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते। इससे सरकारी कामकाज प्रभावित होता है। नए आदेश के जरिए सरकार चाहती है कि कर्मचारी अपने पद की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें और कार्यक्षमता में सुधार हो।
पहले क्या थे नियम?
इससे पहले, बिहार में सरकारी कर्मचारियों को प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए अपने विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना अनिवार्य था। बिना NOC परीक्षा देने या चयन होने पर कार्रवाई का प्रावधान था। वहीं, वर्ष 2022 में सरकार ने नियमों में ढील देते हुए कर्मचारियों को पूरी सेवा अवधि में अधिकतम 5 बार प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी थी। यह अवसर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए अलग-अलग लागू था। इससे पहले यह सीमा केवल 3 बार थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया था। अब नए आदेश के साथ इस सीमा को घटाकर सिर्फ एक अवसर कर दिया गया है, जो कर्मचारियों के करियर विकल्पों पर बड़ा असर डाल सकता है।
Read More:
गंगा में उतरा प्लेन… चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड ने पर्यटन और कनेक्टिविटी में हासिल की बड़ी सफलता

