देहरादून में आयोजित ‘दून बुक फेस्टिवल’ के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तकनीक और ज्ञान को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति के इस दौर में भी किताबों से मिलने वाला अनुभव और ज्ञान अद्वितीय है, जिसकी तुलना किसी भी डिजिटल स्क्रीन से नहीं की जा सकती।
युवाओं से CM धामी ने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन भौतिक पुस्तकों को पढ़ने की आदत हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं और साहित्य प्रेमियों से किताबों से जुड़ाव बनाए रखने की अपील की और कहा कि पढ़ने की आदत जीवन को समृद्ध बनाती है। CM धामी ने स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों को इस पुस्तक मेले में जरूर लेकर आएं। उनके अनुसार, यह आयोजन केवल किताबों का मेला नहीं है, बल्कि भाषा, संस्कृति और ज्ञान को समझने का एक बड़ा मंच है।
केंद्र सरकार और NBT का जताया आभार
मुख्यमंत्री धामी ने इस आयोजन के लिए शिक्षा मंत्रालय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के अध्यक्ष मिलिंद भाई का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से भारतीय भाषाओं और साहित्य को बढ़ावा मिलता है।
साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र
दून बुक फेस्टिवल में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यहां साहित्य, कला और भाषा से जुड़े कई विद्वान और लेखक भी शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन देहरादून में साहित्य प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। किताबें केवल जानकारी नहीं देतीं, बल्कि सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित करती हैं, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से कहीं अधिक प्रभावी होती है।
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