North Korea Solid-Fuel Engine Test 2026: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हुए नए ‘सुपर पावर’ मिसाइल इंजन का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण का निरीक्षण खुद देश के नेता किम जोंग उन ने किया। माना जा रहा है कि यह तकनीक अमेरिका तक सीधा हमला करने वाली मिसाइलों के विकास में अहम साबित हो सकती है।
पहले से ज्यादा ताकतवर इंजन
रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए इंजन में उन्नत कंपोजिट कार्बन फाइबर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसकी क्षमता करीब 2,500 किलोटन मापी गई है, जो पिछले सितंबर के 1,971 किलोटन परीक्षण से काफी अधिक है। यह बढ़ोतरी उत्तर कोरिया की तेजी से विकसित होती सैन्य तकनीक को दर्शाती है।
मल्टीपल वॉरहेड का लक्ष्य
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस इंजन का मुख्य उद्देश्य ऐसी मिसाइलें बनाना है जिनमें एक साथ कई वॉरहेड्स लगाए जा सकें। इससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली को धोखा देना आसान हो जाता है और एक मिसाइल से कई लक्ष्यों पर हमला संभव हो पाता है।
परमाणु शक्ति के दावे के बाद परीक्षण
यह परीक्षण ऐसे समय पर हुआ है जब Kim Jong Un ने हाल ही में उत्तर कोरिया को ‘अपरिवर्तनीय परमाणु शक्ति’ घोषित किया था। अपने बयान में उन्होंने अमेरिका पर वैश्विक आक्रामकता का आरोप लगाया और मध्य पूर्व के संघर्षों का भी जिक्र किया।
सॉलिड फ्यूल मिसाइलें बनी चुनौती
उत्तर कोरिया लगातार अपनी ICBM तकनीक को आधुनिक बना रहा है। खासकर सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइलें अधिक खतरनाक मानी जाती हैं, क्योंकि इन्हें लॉन्च करने में कम समय लगता है और इन्हें इंटरसेप्ट करना मुश्किल होता है।
वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ता खतरा
यह परीक्षण उत्तर कोरिया के पांच साल के सैन्य विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह देश मल्टीपल वॉरहेड और सॉलिड फ्यूल तकनीक में और आगे बढ़ता है, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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