भारतीय रेलवे अब स्टेशनों पर होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को कम करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए स्टेशनों पर AI कैमरे और विशेष ‘वॉर रूम’ स्थापित किए जा रहे हैं।
76 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया
देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर स्थायी ‘पैसेंजर होल्डिंग एरिया’ बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों का उद्देश्य प्लेटफार्मों पर भीड़ को नियंत्रित करना है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में ऐसा ही अत्याधुनिक होल्डिंग एरिया पहले ही शुरू हो चुका है, जहाँ बैठने की सुविधा, पीने का पानी, शौचालय, टिकट काउंटर और सुरक्षा जांच जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को प्रवेश
भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ‘एक्सेस कंट्रोल’ सिस्टम लागू कर रहा है। इसके तहत केवल कन्फर्म रिजर्व टिकट वाले यात्री ही सीधे प्लेटफॉर्म पर प्रवेश कर सकेंगे। वेटिंग लिस्ट या बिना टिकट वाले यात्रियों को स्टेशन के बाहर बने होल्डिंग एरिया में रुकना होगा। यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 12 मीटर और 6 मीटर चौड़े नए फुट-ओवर-ब्रिज बनाए जा रहे हैं।
AI कैमरे और वॉर रूम से निगरानी
स्टेशनों और आसपास के इलाकों में AI इनेबल्ड CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जो रीयल-टाइम में भीड़ की निगरानी करेंगे। किसी भी आपात स्थिति या भारी भीड़ से निपटने के लिए बड़े स्टेशनों पर ‘वॉर रूम’ बनाए जाएंगे, जहां सभी विभाग मिलकर तुरंत निर्णय ले सकेंगे।
स्टेशन डायरेक्टर को मिली अतिरिक्त शक्तियां
रेलवे प्रशासन ने भी बड़ा बदलाव किया है। प्रमुख स्टेशनों पर स्टेशन डायरेक्टर के पद को अपग्रेड किया गया है। अब उनके पास वित्तीय शक्तियां होंगी और वे मौके पर जरूरी फैसले ले सकेंगे। स्टेशन की क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री नियंत्रित करने का अधिकार भी स्टेशन डायरेक्टर को मिलेगा। सभी विभागों के कर्मचारी सीधे स्टेशन डायरेक्टर को रिपोर्ट करेंगे, जिससे कमांड सिस्टम मजबूत होगा।