नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह के नेतृत्व में गठित नई सरकार(Nepal Gen Z government) में अधिकांश मंत्री 40 साल से कम उम्र के हैं। जेन जी आंदोलन के बाद देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकार में युवा नेतृत्व ने प्रमुख भूमिका निभाई है। इससे पहले पारंपरिक दल केवल एक-दो युवा चेहरों को ही मंत्रालय तक पहुंचाते रहे थे, लेकिन इस बार कम से कम 10 युवा मंत्रियों को शामिल करना तय माना जा रहा है।
36 वर्षीय बालेन शाह स्वयं भी नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री हैं। लंबे समय तक निराश युवाओं ने देश में नए नेतृत्व की मांग की थी और इसी पृष्ठभूमि में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने कुल 282 सीटें जीतकर जनादेश प्राप्त किया। इनमें 53 युवा सांसद सीधे चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
युवा मंत्रियों की सूची और उनकी जिम्मेदारियां
-
सविता गौतम (30 वर्ष) – चितवन-3 से निर्वाचित, कानून मंत्री। उन्होंने कानून की पढ़ाई की है।
-
सुदन गुरूंग (38 वर्ष) – गृह मंत्री। उन्होंने रवि लामिछाने और बालेन शाह के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह गोरखा-2 से निर्वाचित सांसद हैं।
-
प्रतिभा रावल (32 वर्ष) – समानुपातिक प्रणाली से सांसद, सामान्य प्रशासन मंत्री।
-
गीता चौधरी (33 वर्ष) – थारू महिला क्लस्टर से समानुपातिक सांसद, कृषि मंत्री। अधिवक्ता, मानवाधिकारकर्मी और सामाजिक अभियंता के रूप में सक्रिय रही हैं।
-
दीपक साह (34 वर्ष) – महोत्तरी से निर्वाचित, श्रम मंत्री।
-
सस्मित पोखरेल (29 वर्ष) – काठमांडू-5 से निर्वाचित, शिक्षा मंत्री। अब तक की सबसे कम उम्र की मंत्री।
-
सीता वादी (30 वर्ष) – समानुपातिक सांसद, महिला, बालबालिका एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्री।
-
निशा महतो (38 वर्ष) – स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री।
-
सुनिल लम्साल (35 वर्ष) – भौतिक पूर्वाधार एवं परिवहन मंत्री।

