हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अगले दो दिनों के भीतर 114 डॉक्टरों के पद भरे जाएंगे। इसके साथ ही अन्य अस्पतालों से सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को वापस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की बैठक में फैसला
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए अलग-अलग कैडर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला हाल ही में हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में लिया गया है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
विपक्ष के सवाल पर दिया जवाब
हमीरपुर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया था। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही हालात में सुधार किया जाएगा।
एक साल में सभी रिक्त पद भरने का लक्ष्य
सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सभी खाली पदों को एक वर्ष के भीतर भरने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया कि पिछले 40 वर्षों में जो काम नहीं हुआ, वह वर्तमान सरकार कर रही है।
270 पीजी सीटें बढ़ाने की तैयारी
राज्य में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 270 पीजी सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकारों ने कॉलेज तो खोले, लेकिन फैकल्टी की कमी पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार डायरेक्ट हेल्थ सर्विसेज के तहत चार साल का कैडर तैयार करेगी, जिससे डॉक्टरों की तैनाती और सेवाओं में सुधार होगा। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
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