उत्तर प्रदेश के मथुरा से मीरा ठाकुर उर्फ हरिया को गिरफ्तार किया गया है। उस पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और जासूसी करने का आरोप है। पुलिस को उसके मोबाइल से कई संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें मिली हैं, जिन्हें वह कथित तौर पर फेसबुक ग्रुप के जरिए अपने ‘हैंडलर्स’ तक भेजती थी। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
फेसबुक के जरिए संदिग्धों से जुड़ी कड़ियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि मीरा की पहचान फेसबुक के जरिए नौशाद नाम के व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद वह नौशाद और सोहेल के ग्रुप से जुड़ गई। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन ग्रुप्स के माध्यम से कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां साझा की गईं।
असलहा तस्करी से शुरू हुआ आपराधिक सफर
मीरा ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। साल 2025 में उसे दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने मथुरा में ई-रिक्शा चलाना शुरू किया, लेकिन पुलिस के अनुसार उसकी गतिविधियां संदिग्ध बनी रहीं।
मैकेनिक से बनी ई-रिक्शा चालक
परिजनों के अनुसार, मीरा पहले मैकेनिक का काम करती थी। साल 2012 में उसकी शादी आगरा के मुकेश से हुई थी, जिसके बाद वह मथुरा में रहने लगी। बताया जा रहा है कि ज्यादा पैसे कमाने की चाहत में वह गलत रास्ते पर चली गई और धीरे-धीरे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गई। पुलिस को उसके मोबाइल से मथुरा के कई अहम और संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें मिली हैं। वह रिफाइनरी से टैंक चौराहे के आसपास ई-रिक्शा चलाती थी और इसी दौरान इन इलाकों की जानकारी जुटाती थी। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि उसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध थीं।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस मीरा के मोबाइल डेटा और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह किस नेटवर्क के लिए काम कर रही थी और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Read More

