उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर आखिरकार विराम लग गया है। ओमप्रकाश राजभर ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव 12 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरे करा लिए जाएंगे।
आरक्षण और आयोग पर बड़ा फैसला
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि ओबीसी आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर लागू किया जाएगा और इसके लिए कोई नई गणना नहीं कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी कैबिनेट बैठक में पिछड़ा आयोग के गठन को मंजूरी मिलने की संभावना है।
हाईकोर्ट के आदेशों का पालन
सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी और प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यकाल नहीं बढ़ेगा
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल जुलाई 2026 से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, भले ही उनका कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा हो।
खत्म हुआ भ्रम का दौर
पिछले कुछ महीनों से पंचायत चुनाव की तारीखों, ओबीसी आरक्षण और मतदाता सूची संशोधन को लेकर राजनीतिक दलों और जनता के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इस घोषणा के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जोर
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रहे। प्रशासक नियुक्त करने जैसी स्थिति से बचने के लिए समय पर चुनाव कराना प्राथमिकता में रखा गया है। यह फैसला न केवल प्रशासनिक स्पष्टता लाता है, बल्कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।