Guillotine Bill: संसद के मौजूदा सत्र का कामकाज छुट्टियों के कारण प्रभावित होने वाला है, इसलिए सरकार ने शेड्यूल में बदलाव करते हुए अगले हफ्ते शनिवार और रविवार को भी संसद चलाने का फैसला किया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि 18 मार्च को सरकार ‘गिलोटिन’ प्रस्ताव लाएगी, जिससे विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को पारित कराया जाएगा।
वीकेंड पर संसद की बैठक आयोजित
दरअसल, इस सप्ताह 18 और 20 मार्च को संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा की बैठक नहीं होगी। 18 मार्च को गुड़ी पड़वा और 19 मार्च को ईद की छुट्टी पड़ने के कारण कामकाज प्रभावित रहेगा। इसके अलावा अगले सप्ताह 26 मार्च को रामनवमी की छुट्टी भी है। इन अवकाशों के कारण होने वाली कार्यवाही की भरपाई के लिए सरकार ने अन्य दिनों में संसद चलाने का निर्णय लिया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह 28 मार्च (शनिवार) और 29 मार्च (रविवार) को भी संसद की बैठक आयोजित की जाएगी। इन दोनों दिनों में विधायी कार्य और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा कर काम पूरा करने की योजना है।
क्या होता है गिलोटिन प्रस्ताव?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, 18 मार्च को सरकार गिलोटिन प्रस्ताव पेश करेगी। संसदीय प्रक्रिया में ‘गिलोटिन’ उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी मंत्रालय की अनुदान मांगों को विस्तृत चर्चा के बिना सीधे मतदान के जरिए पारित कराया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर तब अपनाई जाती है, जब समय की कमी या सदन में हंगामे के कारण मांगों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाती।
वित्त विधेयक पर होगी चर्चा
गिलोटिन के माध्यम से सरकार एक साथ कई मंत्रालयों की अनुदान मांगों को मंजूरी दिला सकती है, जिससे बजट प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। संसद के आगामी कार्यक्रम के अनुसार, 23 और 24 मार्च को वित्त विधेयक पर चर्चा की जाएगी और उसके बाद इसे पारित कराने की कोशिश होगी। इस बीच विपक्ष पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संसद में चर्चा कराने की मांग कर रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस विषय पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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