मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलपीजी गैस(Gas Crisis) की कमी से आम जनता में चिंता का माहौल बना हुआ है। इसी बीच भारत सरकार ने एक बड़ी राहत भरी खबर साझा की है। बताया गया है कि भारतीय ध्वज वाले दो जहाज, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, समुद्री मार्ग से 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने जानकारी दी कि दोनों जहाज आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार करने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि ये जहाज 16-17 मार्च के बीच गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके LPG पोत
रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारतीय पोतों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के पार किया है और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों जहाजों में से प्रत्येक में लगभग 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी मौजूद है, जिससे कुल 92,700 मीट्रिक टन गैस की खेप भारत आ रही है। इसके अलावा, कई अन्य जहाज खाड़ी क्षेत्र में स्टैंडबाय पर हैं। जयसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में है और किसी प्रकार की रुकावट नहीं होने दी जाएगी।
बढ़ी गैस बुकिंग, जनता में घबराहट
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए जनता में घबराहट बढ़ी है, जिससे गैस बुकिंग के मामलों में वृद्धि हुई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी प्रकार की स्टॉक की कमी की सूचना नहीं मिली है।
भारत में फंसे ईरानी नागरिकों की वापसी
रणधीर जयसवाल ने यह भी बताया कि मिडिल-ईस्ट में संघर्ष और उड़ानों में रुकावट के कारण कई ईरानी नागरिक भारत में फंस गए थे। इसके बाद ईरान सरकार ने चार्टर्ड उड़ान की व्यवस्था की, जो कल रात कोच्चि से रवाना हुई। इसमें भारत में पर्यटक, राजनयिक और अन्य ईरानी नागरिक शामिल थे।