मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 11 मार्च 2026 तक राज्य की कई गैस एजेंसियों में व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया, जिससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इस मुद्दे को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की और आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया।
गैस आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं और किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे।
‘स्थिति नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं’
CM धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि गैस आपूर्ति व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक आपूर्ति को बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
इसलिए उत्तराखंड में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले राज्य सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल और सतपाल महाराज भी स्पष्ट कर चुके हैं कि LPG की उपलब्धता पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।