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पंजाब में महिलाओं(Punjab Women) के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (SHG) का नेटवर्क पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य भर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं इन समूहों से जुड़कर आर्थिक और सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार के आधिकारिक संचार माध्यमों के जरिए साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
राज्य में सक्रिय हैं हजारों स्वयं सहायता समूह
पंजाब में इस समय लगभग 58,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से करीब छह लाख ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं गांव स्तर पर विभिन्न आजीविका और आय सृजन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं।
चार वर्षों में बड़ी संख्या में बढ़ी सदस्यता
अधिकारियों के अनुसार पिछले चार वर्षों के दौरान लगभग 2,90,213 नई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। सदस्यता में यह वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
छोटे व्यवसायों को मिल रहा बढ़ावा
स्वयं सहायता समूह कई महिलाओं के लिए छोटे व्यवसाय शुरू करने का एक प्रभावी मंच बनकर उभरे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, डेयरी और अन्य स्थानीय स्तर पर संभव व्यवसायों से जुड़ रही हैं। सामूहिक बचत और ऋण सुविधा के जरिए कई महिलाएं अपने छोटे उद्यम शुरू करने या उन्हें आगे बढ़ाने में सक्षम हुई हैं।
















