भारत और अमेरिका(Indo-US military) के बीच रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार का 16वां संस्करण 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित किया जाएगा और 15 मार्च तक चलेगा।
विशेष बलों की संयुक्त भागीदारी
भारतीय सेना के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना, रणनीतिक समझ को मजबूत करना और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता को और प्रभावी बनाना है। भारत की ओर से विशेष बलों (स्पेशल फोर्सेस) की एक टुकड़ी हिस्सा ले रही है, जबकि अमेरिका की ओर से प्रतिष्ठित United States Army Special Forces, जिन्हें ‘ग्रीन बेरेट्स’ के नाम से जाना जाता है, कमांडो इसमें शामिल हो रहे हैं।
दोनों देशों के लगभग 45-45 सैनिक इस अभ्यास में भाग लेकर वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में गहन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अभ्यास के दौरान विशेष अभियानों से जुड़ी उन्नत रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी संयुक्त मिशन को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
चुनौतीपूर्ण भू-भाग पर विशेष फोकस
इस वर्ष के संस्करण में रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में संयुक्त अभियानों को संचालित करने की क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सामरिक तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता को परखा जाएगा।
गौरतलब है कि इस अभ्यास का 15वां संस्करण 2024 में अमेरिका के Idaho में आयोजित किया गया था, जबकि 2023 में यह मेघालय के उमरोई में संपन्न हुआ था। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियमित संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।