दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए हंगामे की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में छापेमारी कर दो यूथ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए नेताओं में यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव जितेंद्र यादव और ग्वालियर ग्रामीण इकाई के पूर्व अध्यक्ष राजा गुर्जर शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि वे समिट के दौरान हुई अव्यवस्था में कथित रूप से शामिल थे।
दिल्ली से पहुंची पुलिस टीम
परिजनों के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ग्वालियर पहुंची थी। स्थानीय पुलिस की सहायता से कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र यादव को सुबह उनके निवास से हिरासत में लिया गया, जबकि राजा गुर्जर ने देर रात झांसी रोड थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों को प्रारंभिक जांच के आधार पर पूछताछ के लिए लिया गया है।
परिवार ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
जितेंद्र यादव सिटी सेंटर स्थित पटेल नगर के निवासी हैं। उनके पिता केशव सिंह यादव ने आरोप लगाया कि शनिवार रात स्थानीय पुलिस ने घर पर दबिश दी थी और अगले दिन दिल्ली पुलिस ने पहुंचकर दो बार तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि उनका और उनके बेटे का मोबाइल फोन भी खंगाला गया। पिता का कहना है कि उन्हें केवल इतना बताया गया कि उनके बेटे का नाम एआई समिट में हुए हंगामे से जोड़ा जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उसे कहां ले जाया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राम पांडे ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र यादव एक सक्रिय यूथ कांग्रेस नेता हैं और उन्हें कथित तौर पर बिना स्पष्ट जानकारी दिए हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों को अब तक यह नहीं बताया गया कि उन्हें किस थाने या स्थान पर रखा गया है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने मामले में विस्तृत जानकारी साझा करने से परहेज किया है और जांच जारी होने की बात कही है।