जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सैफुल्लाह मॉड्यूल का पूरी तरह खात्मा कर दिया है। किश्तवाड़ में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मारे गए आतंकियों की पहचान सैफुल्लाह, फरमान अली और बाशा उर्फ हुरैरा के रूप में हुई है। इन तीनों पर वर्ष 2023 में किश्तवाड़ पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इनकी मौत के साथ ही घाटी में सक्रिय इस मॉड्यूल का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस सफल ऑपरेशन के लिए उत्तरी कमान के जवानों को बधाई दी है। उन्होंने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट समन्वय, पेशेवर दक्षता और अटूट संकल्प का प्रदर्शन करने के लिए सैनिकों की प्रशंसा की। सेना प्रमुख ने कहा कि विपरीत हालात में भी उच्च स्तर की सतर्कता और परिचालन क्षमता बनाए रखना सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
30 दिनों में 8 आतंकियों का खात्मा
पिछले एक महीने के भीतर खुफिया सूचनाओं के आधार पर सुरक्षाबलों ने इस मॉड्यूल से जुड़े कुल 8 आतंकियों को ढेर कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
किश्तवाड़ में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’
22 फरवरी को किश्तवाड़ जिले में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ चलाया गया। यह संयुक्त अभियान जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से संचालित किया गया। कार्रवाई के दौरान सभी आतंकियों के शव बरामद किए गए, जिनमें एक का शव बुरी तरह झुलसा हुआ था। घटनास्थल से AK-47 राइफल, गोला-बारूद और अन्य हथियार भी बरामद किए गए।
सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि आतंकी चतरू के जंगलों और आसपास के रिहायशी इलाकों में छिपे हुए हैं। इसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जो अंततः सफल साबित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन से इलाके में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
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