नूंह जिले में पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। लगातार उन लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं जो गाड़ी चलाते समय हेलमेट नहीं पहनते, गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाते और तीन या उससे ज़्यादा पैसेंजर बैठाते हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, अप्रैल में चार हज़ार गाड़ियों का चालान किया गया है, जिनमें ज़्यादातर बिना हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं लगाने और ट्रिपल राइडिंग करने वाले थे।
एक दर्जन चोरी की बाइकें भी बरामद
पुलिस सुपरिटेंडेंट डॉ. अर्पित जैन के आदेश के बाद पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग तेज़ कर दी है। पूरे जिले में गाड़ियों की चेकिंग का अभियान चल रहा है। इस अभियान के ज़रिए पुलिस ने एक दर्जन चोरी की बाइकें भी बरामद करने में कामयाबी हासिल की है।
गौरतलब है कि सड़क पर लोग ट्रैफिक नियमों को नज़रअंदाज़ करते हैं। ज़्यादातर लोग गाड़ी चलाते समय हेलमेट नहीं पहनते और गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते। पुलिस अब ऐसे लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
लोग लाखों रुपये की बाइक खरीदते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए हज़ार रुपये का हेलमेट भी खरीदने से हिचकिचाते हैं। लोग पुलिस के डर से हेलमेट पहनते हैं, जबकि हेलमेट पहनने से असल में उनकी सुरक्षा होती है।
गाड़ी चेकिंग कैंपेन से लोगों में डर पैदा होता है
पुलिस जो गाड़ी चेकिंग कैंपेन चला रही है, उससे लोगों में डर पैदा हो गया है कि कहीं उनकी बाइक का चालान न कट जाए। हालांकि, लोगों को यह पता नहीं है कि हेलमेट पहनने से उन्हें फायदा होता है, पुलिस को नहीं। लेकिन, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना एक आदत बन गई है, जिससे हर दिन एक्सीडेंट होते हैं।
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