पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में हज़ारों प्रदर्शनकारी जमा हुए। ‘जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी’ (JAAC) ने पूरे इलाके में विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल शुरू की। उन्होंने सेना की ज्यादतियों का आरोप लगाया और हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई, सुरक्षा बलों को हटाने और इंटरनेट सेवाएँ बहाल करने की माँग की।
‘अवामी एक्शन कमिटी’ की अगुवाई और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स के समर्थन से चल रहे इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई कस्बों में बड़े पैमाने पर धरने, शटर-डाउन हड़ताल और प्रदर्शन हुए। रावलकोट और इलाके के दूसरे हिस्सों में जमा हुई भीड़ ने ‘ये वतन हमारा है’ जैसे नारे लगाए।
सूत्रों के मुताबिक, पूरे PoK में स्वेच्छा से शटर-डाउन और चक्का-जाम हड़ताल चल रही है। अलग-अलग इलाकों से बच्चे, युवा, बुज़ुर्ग और महिलाएँ समेत हज़ारों लोग काफिलों के रूप में विरोध-प्रदर्शन वाली जगहों पर पहुँचे हैं।
मुज़फ़्फ़राबाद में सुरक्षा कड़ी
5 जुलाई के विरोध-प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए मुज़फ़्फ़राबाद में सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और पुलिस व रेंजर्स के जवानों को मुख्य एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स, अहम चौराहों और दूसरी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।
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