देवभूमि उत्तराखंड अपनी आस्था और परंपराओं के लिए पहचाना जाता है लेकिन अल्मोड़ा(Almora Wedding) जिले के मरचूला क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने लोगों को चौंका दिया है। यहां कॉर्बेट नेशनल पार्क के नजदीक स्थित एक श्मशान घाट पर पर्यटकों ने शादी समारोह आयोजित कर दिया जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।
रामगंगा और बदनगढ़ नदियों के संगम पर बना यह श्मशान घाट वर्षों से आसपास के गांवों के लिए अंतिम संस्कार का स्थल रहा है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस जगह को देखकर बाहर से आए कुछ लोगों ने इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए चुन लिया। बताया जा रहा है कि पास के एक रिजॉर्ट में ठहरे इन पर्यटकों को संगम का नजारा इतना भाया कि उन्होंने स्थानीय मान्यताओं की परवाह नहीं की।
पर्यटकों को पहले ही दे दी गई थी जानकारी
रिजॉर्ट से जुड़े लोगों के मुताबिक, पर्यटकों को पहले ही यह जानकारी दे दी गई थी कि यह स्थान श्मशान घाट है, जहां नियमित रूप से अंतिम संस्कार होते हैं। इसके बावजूद उन्होंने रविवार को वहां सजावट कर मंच तैयार कराया और जयमाला सहित शादी की रस्में पूरी कीं। जैसे ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि हिंदू परंपराओं में श्मशान या अंतिम संस्कार स्थलों पर शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। ऐसे स्थानों पर विवाह जैसे मांगलिक आयोजन करना धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। साथ ही, वन क्षेत्र और नदी किनारे इस तरह के आयोजन से पर्यावरण और नियमों के उल्लंघन की भी बात उठाई जा रही है।
श्मशान घाट पर निजी कार्यक्रम नियमों के विरुद्ध
मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन भी हरकत में आ गया। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक स्थल खासकर श्मशान घाट पर बिना अनुमति निजी कार्यक्रम करना नियमों के विरुद्ध है। फिलहाल औपचारिक शिकायत नहीं मिली है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू करने की बात कही गई है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।