Thailand Visa Update: थाईलैंड घूमने की तैयारी कर रहे टूरिस्ट्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। थाई सरकार ने 90 से ज्यादा देशों के लिए लागू 60 दिन की वीजा-फ्री एंट्री पॉलिसी खत्म करने का फैसला लिया है। इस बदलाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक बिना वीजा झंझट थाईलैंड में रुकने की सुविधा अब सीमित होने जा रही है। सरकार का कहना है कि कुछ विदेशी नागरिक इस सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिसके बाद नियमों को सख्त करने का फैसला लिया गया।
कोविड के बाद वीजा-फ्री
कोविड महामारी के बाद पर्यटन उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने के लिए थाईलैंड ने कई देशों के नागरिकों को 60 दिन तक वीजा-फ्री रहने की अनुमति दी थी। भारतीय यात्रियों ने भी इस सुविधा का खूब फायदा उठाया। कम बजट, शानदार बीच, सस्ती शॉपिंग और नाइट लाइफ की वजह से बैंकॉक, पटाया और फुकेट भारतीय युवाओं की पसंद बने हुए थे। लेकिन अब सरकार पुराने द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर फिर से एंट्री नियम लागू करने जा रही है।
भारतीय यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियमों के बाद भारतीय टूरिस्ट्स के लिए वीजा-फ्री स्टे की अवधि दोबारा 30 दिन हो सकती है। हालांकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 30 दिन का एक्सटेंशन लिया जा सकेगा। छोटे ट्रिप पर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी, क्योंकि ज्यादातर भारतीय 7 से 15 दिन के लिए ही थाईलैंड जाते हैं। लेकिन लंबे वेकेशन, डिजिटल नोमैड्स और ‘वर्क फ्रॉम थाईलैंड’ जैसे प्लान बनाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सुरक्षा बनी सरकार की चिंता
थाई सरकार ने कहा है कि कई लोग टूरिस्ट वीजा का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ मामलों में वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी लोग देश में रह रहे थे, जबकि कुछ विदेशी नागरिकों पर अवैध कारोबार चलाने के आरोप भी लगे। इसी वजह से सरकार ने सुरक्षा जांच को मजबूत करने और इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त बनाने का फैसला लिया है।
डिजिटल सिस्टम से हर यात्री पर नजर
थाईलैंड ने अब Thailand Digital Arrival Card सिस्टम लागू कर दिया है। यह पूरी तरह पेपरलेस इमिग्रेशन सिस्टम होगा, जिसमें यात्रियों की एंट्री और मूवमेंट का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे एयरपोर्ट पर प्रक्रिया तेज होगी और बार-बार एंट्री लेने वालों की पहचान आसानी से हो सकेगी। इसके जरिए ओवरस्टे और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
ट्रैवल इंडस्ट्री में बढ़ी हलचल
इस फैसले के बाद ट्रैवल एजेंसियां और टूर ऑपरेटर्स नए नियमों के असर को समझने में जुट गए हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि आम भारतीय पर्यटकों पर इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन लंबे समय तक रहने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा प्लानिंग करनी होगी। ट्रैवल कंपनियां भी अब ग्राहकों को नए वीजा नियमों के हिसाब से सलाह देने की तैयारी कर रही हैं।
देश की सुरक्षा के लिए लिया फैसला
थाई प्रशासन का कहना है कि देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी हो गया था। अब हर देश की स्थिति और यात्रियों के व्यवहार की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की वीजा नीति तय होगी।
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