देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने महाराष्ट्र के नासिक(Nashik) स्थित अपने बीपीओ यूनिट का संचालन फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को अगली सूचना तक कैंपस न आने के निर्देश दिए हैं और वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। साथ ही, इस यूनिट में नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम यूनिट में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद उठाया गया है। इन आरोपों में यौन उत्पीड़न, महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और जबरन धर्मांतरण जैसी संवेदनशील बातें शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच पूरी होने तक भर्ती प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी।
दर्ज की गई 9 FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 40 दिनों तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सात महिला पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों के रूप में काम करते हुए सबूत जुटाए। जांच के दौरान कुल नौ FIR दर्ज की गईं और अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक एचआर मैनेजर भी शामिल है।
आरोपी कर्मचारी सस्पेंड
कंपनी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। टीसीएस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कंपनी की यौन उत्पीड़न के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तुरंत कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि जांच में शामिल कर्मचारियों को पूछताछ पूरी होने तक निलंबित रखा गया है और कंपनी स्थानीय पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।