लोकसभा चुनाव 2024 : केंद्रीय मंत्री गडकरी, पियूष गोयल ने अच्छी बढ़त बनाई

कोल्हापुर में राजपरिवार के वंशज शाहू छत्रपति 58,753 वोट से आगे चल रहे हैं, जबकि सतारा में छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज भाजपा उम्मीदवार उदयनराजे भोसले पीछे चल रहे हैं।

पीयूष गोयल ने साधा कांग्रेस पर निशाना, बोले- देश को चमड़ी के रंग के हिसाब से बांट देगी कांग्रेस

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज चंडीगढ़ से बीजेपी प्रत्याशी संजय टंडन के पक्ष में प्रचार किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंनें कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। गोयल ने कहा कि यदि कांग्रेस की चली तो व ह इस देश को चमड़ा के रंग के हिसाब से बांट दें। आज कांग्रेस के लोग… Continue reading पीयूष गोयल ने साधा कांग्रेस पर निशाना, बोले- देश को चमड़ी के रंग के हिसाब से बांट देगी कांग्रेस

BJP ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, तीन पूर्व मुख्यमंत्री, गड़करी और पीयूष गोयल का नाम शामिल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों की दूसरी सूची बुधवार को जारी कर दी, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और अनुराग सिंह ठाकुर तथा हरियाणा के मनोहर लाल सहित तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल हैं।

MSP पर खरीद के लिए किसानों के साथ पांच वर्षीय समझौता करने का प्रस्ताव दिया: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीषूय गोयल ने किसान नेताओं के साथ वार्ता समाप्त होने के बाद रविवार देर रात कहा कि सरकार ने सहकारी समितियों एनसीसीएफ (भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित) और नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दालें खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा एमएसपी पर कपास की फसल खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया गया है।

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच रविवार शाम को चंडीगढ़ में शुरू हुई चौथे दौर की बातचीत देर रात समाप्त हुई।

गोयल ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि किसानों के साथ वार्ता सद्भावनापूर्ण माहौल में हुईं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सहकारी समितियों एनसीसीएफ और नाफेड को एमएसपी पर दालें खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया है।’’

गोयल ने कहा, ‘‘हमने प्रस्ताव दिया है कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) एमएसपी पर कपास की फसल खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करेगा।’’

किसान उपज के एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय किसान नेताओं के साथ बैठक के लिए सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान पहुंचे थे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में शामिल हुए। यह बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई थी।

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच इससे पहले आठ, 12 और 15 फरवरी को मुलाकात हुई लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी।

यह बैठक ऐसे वक्त हुई है, जब हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं तथा किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कृषकों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन तथा कर्ज माफी, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं।

किसानों और मंत्रियों की बैठक से पहले, दिन में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने घोषणा की कि फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित किसानों की मांगों को स्वीकार करने का केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार से तीन दिन तक पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के आवासों का घेराव किया जाएगा।

एसकेएम के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि वे मंगलवार से बृहस्पतिवार तक सांसदों, विधायकों और जिला इकाइयों के अध्यक्षों सहित भाजपा की पंजाब इकाई के नेताओं के आवासों के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे।

राजेवाल ने लुधियाना में एसकेएम नेताओं की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि वे राज्य के सभी टोल अवरोधकों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और उन्हें 20 से 22 फरवरी तक सभी यात्रियों के लिए नि:शुल्क बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि एसकेएम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में अनुशंसित एमएसपी के लिए ‘सी-2 प्लस 50 प्रतिशत फॉर्मूले’ से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेगा। इस बैठक में किसान नेता बलकरण सिंह बराड़ और बूटा सिंह सहित अन्य नेता शामिल हुए।

वहीं, बातचीत से पहले किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार को टाल-मटोल की नीति नहीं अपनानी चाहिए और आचार संहिता लागू होने से पहले किसानों की मांगें माननी चाहिए।

लोकसभा चुनाव की घोषणा अगले माह की जा सकती है।

डल्लेवाल ने शंभू सीमा पर संवावदाताओं से कहा, ‘‘मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वह टाल-मटोल की नीति न अपनाये।’’

उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि वह आचार संहिता लागू होने तक बैठकें जारी रखेगी और फिर कहेगी कि आचार संहिता लागू हो गई है एवं हम कुछ नहीं कर सकते ….(फिर भी) ‘‘किसान वापस नहीं लौटेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को आचार संहिता लागू होने से पहले हमारी मांगों का समाधान तलाशना चाहिए।’’

उधर, हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी और कुछ खापों ने पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक पंचायत में हिस्सा लिया।

बैठक के बाद चढ़ूनी ने संवाददाताओं से कहा कि आंदोलन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने के लिए सभी किसान संगठनों को एकजुट करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि तय वार्ता के चलते कई अन्य फैसले फिलहाल रोक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत का नतीजा सामने आने के बाद फैसलों की घोषणा की जाएगी।

खाप नेता ओ.पी. धनखड़ ने कहा कि हरियाणा की खापें आंदोलन के समर्थन में हैं और केंद्र सरकार को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने में देरी नहीं करनी चाहिए।

पंचायत में शामिल हुए एक अन्य खाप नेता ने कहा कि अगर वार्ता विफल रही तो किसान दिल्ली पहुंचेंगे और विरोध-प्रदर्शन करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर पटियाला, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब समेत पंजाब के कुछ जिलों के चुनिंदा इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर लागू प्रतिबंध 24 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है।

इससे पहले किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर 12 फरवरी से 16 फरवरी तक पंजाब के इन जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं।

किसानों और केंद्र के बीच अगले दौर की वार्ता 18 फरवरी को : सीएम मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि प्रदर्शनकारी किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की बैठक रविवार, 18 फरवरी को चंडीगढ़ में होगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बन गयी है और जल्द ही और भी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान कर लिया जायेगा। बातचीत से ही सुलझेगा मसला… Continue reading किसानों और केंद्र के बीच अगले दौर की वार्ता 18 फरवरी को : सीएम मान

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच हुई बैठक रही बेनतीजा, रविवार को होगी अगली बैठक

केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच तीसरे दौर की बैठक रात लगभग एक बजे तक चली। इस बैठक में किसान नेता न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अड़े रहे साथ ही उन्होंने हरियाणा सरकार और पुलिस की ओर से किए गए बल प्रयोग पर कड़ी आपत्ति जताई।

Farmers Protest: चंडीगढ़ में आज किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की तीसरी बैठक, निकल सकता है समाधान ?

इस बैठक में बातचीत करने के लिए सरकार की ओर से कृषि व किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान नेताओं से मुलाकात करेंगे।

पीयूष गोयल 24 अक्टूबर से दो दिन की सऊदी अरब यात्रा पर, व्यापार-निवेश पर करेंगे चर्चा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 अक्टूबर से सऊदी अरब की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान रियाद में वरिष्ठ नेताओं तथा कारोबार जगत के लोगों से मुलाकात करेंगे। सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

मंत्री दोनों देशों के बीच व्यापार तथा निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं।

गोयल सऊदी अरब के रियाद में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) के सातवें संस्करण में हिस्सा लेंगे।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वह ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन सलमान अल-सऊद सहित वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अलकस्साबी, निवेश मंत्री खालिद ए. अल फलीह, उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्री बांदर बिन इब्राहिम अल खोरायफ और गवर्नर पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) यासिर रुम्मय्यान सहित अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात करेंगे।

गोयल सऊदी अरब के निवेश मंत्री के साथ ‘‘जोखिम से अवसर तक: नई औद्योगिक नीति युग में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए रणनीतियां’’ विषय पर एक सम्मेलन के सत्र की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।

मंत्री के दुनियाभर के व्यावसायिक जगत के नेताओं तथा प्रमुख मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से भी मिलने की उम्मीद है।

एफआईआई इंस्टिट्यूट एक वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका मकसद निवेश के नए मार्गों पर चर्चा करने के लिए दुनियाभर से सरकार तथा व्यापारिक नेताओं को एक मंच पर लाना है।

यह चार क्षेत्र कृत्रिम मेधा (एआई) एवं रोबोटिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करती है।

केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal  ने यूट्यूबर्स के साथ की बातचीत

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पर्यटन को बढ़ावा देने, पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और छोटे स्टार्टअप को सशक्त बनाने जैसे विभिन्न मुद्दों पर कई यूट्यूबर्स के साथ बातचीत की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने 20 अक्टूबर को यहां प्रगति मैदान के भारत मंडपम में यूट्यूबर्स के साथ मुलाकात की। इस साल यूट्यूबर्स के साथ मंत्री की यह दूसरी बैठक थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी बैठक में शामिल हुए।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि चर्चा यूट्यूबर्स में गौरव चौधरी (टेक्निकल गुरुजी), अंकित बैयानपुरिया (शारीरिक देखभाल एवं स्वास्थ्य), कीर्ति ‘हिस्ट्री’, अंकुर वारिकू व अन्य ने हिस्सा लिया। अधिकारी ने कहा, “मंथन में वित्त, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, यात्रा, प्रेरणा, मौजूदा मुद्दों, खान-पान और जीवन शैली सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।”

इस दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने, हथकरघा व हस्तशिल्प को लोकप्रिय बनाने के तरीके, छोटे स्टार्टअप को सशक्त बनाना और डिजिटल इंडिया के माध्यम से वित्तीय साक्षरता का प्रचार करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘यूट्यूबर्स अपने चैनलों पर उन सरकारी कार्यक्रमों तथा नीतियों के बारे में जानकारी देने को इच्छुक हैं, जो आम लोगों शिक्षित करने, लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, वे गलत सूचना की समस्या से निपटने करने वाले तथ्य जांचकर्ता (फैक्ट चैकर्स) के रूप में भी काम करते हैं।’’

Congress को बड़ा झटका, कांग्रेस छोड़ने के करीब दो महीने बाद अनिल एंटनी BJP में शामिल

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी गुरुवार को केरल BJP में शामिल हुए। जनवरी में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। बता दें  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में अनिल ने भाजपा जॉइन की। 

वहीं बताए आपको अनिल एंटनी ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि यह मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि मैं प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दूं।