दिल्ली में गर्मी की वजह से 24 घंटे में 17 लोगों की मौत

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) और सफदरजंग अस्पतालों में बीते 24 घंटे में संदिग्ध रूप से गर्मी की वजह से बीमार पड़े 17 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली में बीते कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। हालांकि बृहस्पतिवार को सुबह हल्की बारिश होने से शहरवासियों को कुछ राहत मिली है।

दिल्ली के अस्पतालों में भीषण गर्मी की वजह से बीमार पड़े मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है।

सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी की वजह से बीमार पड़े 33 मरीज़ों को भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में 33 में से 13 रोगियों की मौत हो गई है।

आरएमएल अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि अस्पताल में बीते 24 घंटे में संदिग्ध रूप से गर्मी की वजह से बीमार पड़े 22 लोगों को भर्ती कराया गया जिनमें से चार की मौत हो गई है।

दिल्ली को पानी देने के लिए हिमाचल को दिए न्यायालय के आदेश का आतिशी ने किया स्वागत

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी के लिए अधिक पानी छोड़ने का निर्देश देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और इसे दिल्ली की जनता की जीत बताया।

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि उसके पास उपलब्ध 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी जल संकट से जूझ रही दिल्ली के लिए छोड़ा जाए।

न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और वह अतिरिक्त पानी छोड़ने को तैयार है।

आतिशी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं इस अभूतपूर्व जल संकट के दौरान दिल्ली की जनता के साथ खड़ा होने के लिए उच्चतम न्यायालय को सलाम करती हूं। ऐसे समय में सभी चीजों से ऊपर समन्वित प्रयासों की जरूरत है और उच्चतम न्यायालय का आदेश दिल्ली की जनता और पानी के उनके अधिकार की जीत है।’’

लोस चुनाव: दिल्ली के सटोरियों ने राजद को 340 से ज्यादा, ‘इंडिया’ को 200 सीट मिलने का अनुमान जताया

अधिकांश एग्जिट पोल पूर्वानुमानों के अनुरूप, दिल्ली के सट्टेबाजों का मानना ​​है कि सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लोकसभा चुनाव में 340 से अधिक सीटें मिलेंगी, जबकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को लगभग 200 सीटें मिल सकती हैं।

सटोरियो के नेटवर्क में काम करने वाले एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दिल्ली में सट्टेबाजों के आकलन के अनुसार, राजग को 341 से 343 सीटें मिल सकती हैं, जबकि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के लिए यह संख्या 198 से 200 के बीच हो सकती है।

सट्टेबाजों का पूर्वानुमान है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने दम पर 310 से 313 सीटें जीत सकती है, जबकि कांग्रेस की सीटें 57 से 59 के बीच हो सकती हैं।

सूत्र ने बताया कि दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से उन्होंने ‘इंडिया’ को एक सीट दी है।

उसने कहा कि सट्टा बाजार दो सप्ताह पहले खुल गया है और दिल्ली-एनसीआर में अब तक चुनाव परिणामों पर करोड़ों रुपये का दांव लगाया जा चुका है। सूत्र ने बताया कि सटोरिये सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि सट्टेबाजी के क्षेत्र में जो व्यक्ति दांव लगाता है उसे बाजी लगाने वाला (पंटर) कहा जाता है जबकि जो दांव तय करता है उसे ‘बुकी’ कहा जाता है, जो इस प्रक्रिया में दलाली के माध्यम से कमाई करता है।

पुलिस पंटर और बुकी पर करीबी नजर रखती है क्योंकि भारत में सट्टेबाजी अवैध है।

सूत्र ने कहा कि सट्टा बाजार में राजग के लिए दरें कम हैं, क्योंकि उसके जीतने की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ पर दांव लगाना “जोखिम भरा” है और इसलिए विपक्षी गठबंधन पर दांव की दरें अधिक हैं।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि सट्टेबाजों ने राजग की पूर्ण बहुमत के साथ एक बार फिर आरामदायक जीत की भविष्यवाणी की है, लेकिन उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन के 400 का आंकड़ा पार करने की संभावना से इनकार किया है।

उन्होंने कहा कि दुबई स्थित सट्टेबाजों के एक नेटवर्क ने भी चुनावों में राजग को भारी बहुमत मिलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, कई लोगों ने एक से अधिक दांव लगा रखे हैं, ताकि यदि वे एक दांव पर अपना पैसा हार जाएं तो दूसरे दांव के जरिए कमाई कर सकें।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के ओएसडी को निलंबित किया

दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आर एन दास को बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी।

दास को 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान 60 करोड़ रुपये मूल्य के व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, दस्ताने, मास्क और रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) किट जैसे विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं के संबंध में अप्रैल में सतर्कता निदेशालय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

सतर्कता निदेशालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा, ‘‘ दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल ने सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम-10 के उप-नियम (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के विवेक विहार इलाके में बच्चों के अस्पताल की पंजीकरण प्रक्रिया में भी दास की भूमिका होने का आरोप लगाया है। इस अस्पताल में शनिवार रात आग लगने की घटना में छह नवजात की मौत हो गई थी।

पूर्वी दिल्ली में कागज के ‘अवैध’ गोदाम में लगी आग, एक व्यक्ति की मौत

पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में बुधवार को कागज के एक ‘अवैध’ गोदाम में आग लगने से 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों (डीएफएस) ने यह जानकारी दी।

डीएफएस के अधिकारियों के मुताबिक, आग शकरपुर इलाके में दो मंजिला इमारत में लगी जहां एक कमरे में जले हुए कार्डबोर्ड के पीछे से सतेंद्र पासवान का शव बरामद किया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि फोन कॉल के माध्यम से रात दो बजे घटना की सूचना मिली और छह दमकल वाहनों को तत्काल भेजा गया। आग बुझाने का अभियान सुबह सात बजे तक चला।

पासवान की बहन सारो देवी ने पीटीआई वीडियो को बताया कि उसका भाई गोदाम में काम करता था। देवी ने कहा, ”मैं अपने भाई को खोजने रात में ही आई थी पर वह मुझे नहीं मिला। आज सुबह भाई का शव बरामद किया गया।”

देवी ने बताया कि उसका भाई अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोदाम अवैध रुप से चलाया जा रहा था।

स्थानीय निवासी अनिल शर्मा ने कहा, ”यह गोदाम हमारे आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहा था। गोदाम में दूसरी बार आग लगी।’’

दिल्लीः आयकर विभाग की सीआर इमारत में लगी आग, एक अधिकारी की मौत

दिल्ली के आईटीओ क्षेत्र स्थित आयकर विभाग की सीआर इमारत में मंगलवार को लगी भीषण आग में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत 46 वर्षीय एक अधिकारी की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, उन्हें अपराह्न में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) में किए गए फोन के जरिये आईटीओ क्षेत्र में सीआर इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘अग्निशमन विभाग और पुलिस कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। आग पर काबू पा लिया गया और कुल सात लोगों को वहां से बचाया गया। घटनास्थल पर 46 वर्षीय एक अचेत मिला जिसे बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। वह इमारत में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत था।’’

वहीं, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने कहा कि दो महिलाओं समेत सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और एक व्यक्ति जिसे मामूली चोटें आई थी को पास के अस्पताल में भेजा गया।

मध्य दिल्ली में आयकर विभाग की जिस इमारत में आग लगी वह पुराने पुलिस मुख्यालय के ठीक सामने स्थित है। इस इमारत में अभी भी सुरक्षा बलों की कुछ इकाइयां हैं।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने कहा, ”हमें अपराह्न 3.07 बजे आयकर विभाग की सीआर इमारत में आग लगने की सूचना मिली। हमने दमकल की कुल 21 गाड़ियां भेजी हैं। हमने मामले की जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर स्थानीय पुलिस को भी जानकारी दी।”

सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में, इमारत के भीतर लोग आग से बचने के लिए खिड़की के किनारों पर शरण लिए हुए दिखे। दमकल कर्मियों ने लोगों की सीढ़ियों की सहायता से बाहर निकलने में मदद की।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा, ”मुझे शाम चार बजे सूचना मिली कि कुल सात लोगों, पांच पुरुष व दो महिलाओं, को डीएफएस ने इमारत की तीसरी मंजिल से सुरक्षित बचा लिया है। आग को पूरी तरह से बुझाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।”

अतुल गर्ग ने कहा, ”जैसे ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, उन्होंने इमारत को खाली करा लिया। जहरीले धुएं के कारण दमकलकर्मियों को गैस मास्क का उपयोग करना पड़ा, लेकिन इमारत में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हमने आग लगने का वास्तविक कारण जानने हेतु घटना की विस्तृत जांच के लिए क्षेत्र की स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया है।”

यदि भाजपा लोकसभा चुनाव जीतती है तो सभी विपक्षी नेता जेल में होंगे: CM केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दावा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनाव जीतती है तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव समेत सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया जाएगा।

केजरीवाल ने यहां आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा सत्ता में वापस नहीं आएगी और चार जून को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की सरकार बनेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘जेल से छूटने के बाद पिछले 20 घंटों में मैंने चुनाव विशेषज्ञों और लोगों से बात की तथा पता चला कि भाजपा की सरकार नहीं बन रही।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी केंद्र में सरकार का हिस्सा बनेगी। हम दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाएंगे।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘ये लोग ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) गठबंधन से उनके चेहरे के बारे में पूछते हैं। मैं भाजपा से पूछता हूं कि उनका प्रधानमंत्री कौन होगा? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अगले साल 17 सितंबर को 75 साल के हो रहे हैं। उन्होंने नियम बनाया था कि 75 साल की उम्र वालों को ‘रिटायर’ कर दिया जाएगा। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन को रिटायर (सेवानिवृत्त) कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह (मोदी) अगले साल रिटायर हो जाएंगे। वह अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट मांग रहे हैं। क्या शाह मोदी जी की गारंटी पूरी करेंगे?’’

केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो पार्टी दो महीने के भीतर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बदल देगी।

जब केजरीवाल जेल में थे तो भाजपा ने उनसे इस्तीफे की मांग की थी।

इस्तीफा नहीं देने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री का पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। मैंने मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा क्योंकि एक फर्जी मामले में मुझे इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने की साजिश रची गई थी।’’

केजरीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सभी ‘‘चोरों और डकैतों’’ को पार्टी में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार से लड़ना सीखना है तो उन्हें अरविंद केजरीवाल से सीखना चाहिए। हमने भ्रष्टाचारियों और यहां तक कि अपने मंत्रियों को भी जेल भेजा।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि ‘‘प्रधानमंत्री ने हमारी पार्टी को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी और एक साल में ‘आप’ के चार शीर्ष नेताओं को जेल भेज दिया।’’

दिल्ली में तूफान संबंधी घटनाओं में दो की मौत, 23 घायल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तूफान से संबंधित घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। साथ ही, कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए और दीवारों के कुछ हिस्से गिर गए।

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार देर रात आई धूल भरी आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो गई।

पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में जनकपुरी फ्लाईओवर के पास एक पेड़ की शाखा गिरने से दोपहिया वाहन सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि क्रेन की मदद से शाखा को हटा दिया गया और इस घटना के शिकार हुए जयप्रकाश को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार लोग सुरक्षित हैं।

दूसरी घटना में, रात करीब 11 बजे केएन काटजू मार्ग पर आईबी ब्लॉक के पास एक पेड़ गिरने से एक मजदूर उसके नीचे फंस गया।

हरिओम नामक इस मजदूर को एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना में एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार लोग सुरक्षित हैं।

अधिकारियों के अनुसार, उन्हें पेड़ों, बिजली के खंभों के उखड़ने और होर्डिंग (सड़क किनारे लगे विज्ञापन) के गिरने की घटनाओं के संबंध में 152 फोन कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें से 130 दिल्ली अग्निशमन विभाग (डीएफएस) को की गई थीं।

उन्होंने कहा कि शहर में इमारतों और संरचनाओं के कुछ हिस्सों के ढहने के बारे में भी 55 फोन कॉल प्राप्त हुईं।

अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में तूफान के दौरान बिजली व्यवधान के संबंध में 202 फोन कॉल प्राप्त हुईं।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण शुक्रवार देर शाम दिल्ली हवाईअड्डे पर नौ उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया।

केंद्र को कोविशील्ड के दुर्लभ दुष्प्रभावों से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम करना होगा : आप

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि कोविशील्ड टीके के ‘दुर्लभ दुष्प्रभावों’ से युद्धस्तर पर निपटने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस मामले में अब तक कुछ नहीं किया है।

भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार को टीके के किसी भी तरह के दुष्प्रभाव के ‘संकेत या लक्षण’ वाले लोगों की मदद के लिए प्रणाली बनाने की खातिर टीका विनिर्माता कंपनी, चिकित्सकों और वैज्ञानिकों से बात करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए लेकिन केंद्र सरकार सो रही है और उसने अभी तक कुछ नहीं किया है। कई यूरोपीय देश में इस टीके को 2021 में प्रतिबंधित कर दिया गया था लेकिन हमारे देश की सरकार इसे लगा रही थी और प्रचारित कर रही थी।’’

भारद्वाज ने कहा कि लोगों के दिमाग में पहले से ही ये प्रश्न थे कि क्या ‘हृदयाघात के मामले अचानक से बढ़ने का किसी भी तरह टीकों से कोई संबंध है’।

ब्रिटेन से संचालित फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया है कि ‘बहुत दुर्लभ मामलों में@ उसके कोविड-19 टीके से खून का थक्का जमने जैसे दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं लेकिन इसके कारण का अभी पता नहीं है।

यह बात ब्रिटेन के मीडिया में कंपनी द्वारा अदालत में प्रस्तुत कागजात के हवाले से कही जा रही है।