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तेल और LPG की सप्लाई पर मंडराया खतरा, 13 जहाजों के लिए भारत ने शुरु किया रेस्क्यू ऑपरेशन 

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बनी अनिश्चित स्थिति के बीच भारत सरकार ने अपने समुद्री हितों और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने क्षेत्र में मौजूद भारतीय झंडे वाले 13 वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। इस पहल में कई सरकारी विभाग और एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित जोखिम से भारतीय जहाजों और नाविकों को सुरक्षित रखा जा सके।

सरकार की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

भारतीय जहाजों पर सरकार की पैनी नजर

पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में मौजूद भारतीय झंडे वाले जहाजों के लिए एक विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन जहाजों को किसी भी संभावित खतरे से बचाते हुए सुरक्षित समुद्री मार्ग उपलब्ध कराना है। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में इस क्षेत्र में कुल 13 भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज मौजूद हैं। इनमें एक एलपीजी टैंकर, पांच कच्चे तेल के टैंकर, एक रासायनिक या उत्पाद टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल है।

इन जहाजों के जरिए ऊर्जा, औद्योगिक उत्पादों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समुद्री यातायात की निगरानी लगातार की जा रही है और जहाजों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखी जा रही है। साथ ही, जहाजों के संचालन से जुड़े सभी पक्षों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

विदेश मंत्रालय ने दी सलाह

सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और अब तक किसी भी जहाज से जुड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। भारतीय और विदेशी दोनों प्रकार के जहाजों पर कार्यरत भारतीय क्रू मेंबर्स की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

इसी बीच विदेश मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीयों से भी स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करते हुए भारतीय दूतावास और मिशनों के संपर्क में रहने का आग्रह किया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर जाने या देश छोड़ने में सहायता प्रदान की जा सकती है।

कच्चे तेल के टैंकर ने पार किया होमुर्ज

उधर, समुद्री परिवहन मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र से गुजरने वाले एक बड़े कच्चे तेल टैंकर ने हाल ही में सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि चुनौतियों के बावजूद समुद्री गतिविधियां सावधानीपूर्वक जारी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत का यह सक्रिय रुख न केवल अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापारिक हितों को भी मजबूती प्रदान करेगा।

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