भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब और तेज हो गई है। मामले में फरार चल रहे आरोपी समर्थ सिंह(Samarth Singh) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस प्रशासन ने अब उसकी जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश इस समय जांच एजेंसी की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। DGP जोन-2 विकास सहवाल के अनुसार, समर्थ सिंह की लोकेशन का पता लगाने के लिए अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकेगी, जिससे मामले के कई अनसुलझे पहलुओं पर रोशनी पड़ सकती है।
कार्रवाई में जुटी विशेष जांच टीम
इसी बीच मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। SIT प्रमुख एसीपी डॉ. रजनीश कश्यप ने बताया कि समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए छह अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके।
दूसरी ओर, समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ईनोश जॉर्ज कार्लोस ने अदालत में दलील दी कि मृतका के परिजन इस मामले को मीडिया ट्रायल का रूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ट्विशा के परिवार को दोबारा पोस्टमार्टम कराना है तो बचाव पक्ष को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि परिवार चाहे दिल्ली के एम्स में पोस्टमार्टम कराए या विदेश में, उन्हें इससे कोई ऐतराज नहीं होगा।
वॉट्सऐप चैट का भी हुआ जिक्र
बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी कहा कि घटना से कुछ समय पहले ट्विशा अपने परिवार से फोन पर बातचीत कर रही थी और उस समय घर में अन्य सदस्य भी मौजूद थे। वकील का तर्क था कि यदि ट्विशा किसी गंभीर प्रताड़ना का सामना कर रही होती तो वह इस बारे में अपने परिवार को जरूर बताती।
सुनवाई के दौरान ट्विशा और उसके परिजनों के बीच हुई वॉट्सऐप चैट का भी जिक्र हुआ। बचाव पक्ष ने दावा किया कि चैट्स के बीच लंबे अंतराल दिखाई दे रहे हैं जिसकी जांच जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ ट्विशा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता अंकुर पांडे ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं और निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी जरूरी है।
करीब 50 मिनट तक चली बहस
करीब 50 मिनट तक चली बहस के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत कक्ष खाली कराने के निर्देश भी दिए गए। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। एक तरफ पुलिस समर्थ सिंह की तलाश में जुटी है वहीं दूसरी ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है। इस मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आने से लोगों की दिलचस्पी और चिंता दोनों बढ़ती जा रही हैं।
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