प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ में भारत सरकार के सचिवों के साथ बातचीत की। यह बातचीत दो मुख्य विषयों पर केंद्रित थी। पहला विषय था ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ और ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ के लिए नियमों में ढील और अन्य सुधार, जबकि दूसरा विषय था ‘आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना’।
Delhi | Prime Minister Narendra Modi interacted with Secretaries to the Government of India at Seva Teerth.
The discussion focused on two key themes. The first was ‘Deregulation and other reforms for Ease of Doing Business and Ease of Living’; while the second was ‘Promoting… pic.twitter.com/qF1VajwMsH
— ANI (@ANI) June 30, 2026
बातचीत के दौरान, सचिवों ने इन दो मुख्य विषयों के अनुरूप अपने मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के विज़न को ठोस नतीजों में बदलने के लिए चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला, साथ ही सेक्टर-विशिष्ट चुनौतियों पर चर्चा की और गवर्नेंस व सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए अपनी भविष्य की रणनीतियों की रूपरेखा भी बताई।
प्रधानमंत्री ने ‘होल-ऑफ़-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण को अपनाने और विभागीय सीमाओं को तोड़ने के महत्व पर ज़ोर दिया। एकीकृत योजना और समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए, उन्होंने विभागों के बीच समन्वय और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में ‘पीएम गतिशक्ति’ के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री ने सचिवों से कहा कि वे लोगों के जीवन पर योजनाओं के ठोस असर पर ध्यान दें।
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