दिल्ली के पीतमपुरा(Pitampura) इलाके में शुक्रवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब भाजपा विधायक करनैल सिंह और उनके समर्थक एक कथित निर्माणाधीन ढांचे पर पहुंच गए और उसे हटाने की कार्रवाई की। यह मामला शकूर बस्ती विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीतमपुरा का बताया जा रहा है जहां एक ढांचा कथित तौर पर बिना अनुमति के खड़ा किया जा रहा था।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, विधायक करनैल सिंह का कहना है कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा था वह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की जमीन है और वहां किसी भी प्रकार का धार्मिक या स्थायी ढांचा बनाना नियमों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस जगह पर अवैध रूप से एक मदरसा विकसित किया जा रहा था जिसे लेकर कई बार आपत्ति जताई गई थी। इसी के चलते शुक्रवार को वे अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन ढांचे को हटा दिया गया।
विधायक ने किया दावा
विधायक ने यह भी दावा किया कि आसपास एक और अस्थायी संरचना बनाई गई थी जिसे कुछ लोग मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करने की बात कह रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में पहले से ही अदालत की ओर से निर्देश जारी हैं जिनमें जमीन को खाली करने के आदेश दिए गए थे। अदालत के इन निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई जरूरी थी।
‘अवैध निर्माण नहीं होने देंगे’
विधायक करनैल सिंह ने मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सख्त लहजे में कहा कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं होने देंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों को चेतावनी और अपील दोनों करते हुए कहा कि यदि कोई भी निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया तो उसके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित है और इसका दुरुपयोग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए जिससे स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और एहतियात के तौर पर दोनों समूहों को अलग-अलग किया ताकि किसी तरह की झड़प या अप्रिय घटना न हो सके।
चल रही है मामले की जांच
स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि जिस जमीन पर निर्माण हुआ था वह वास्तव में किस श्रेणी में आती है और क्या वहां किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई है।
एक तरफ जहां विधायक इसे अवैध निर्माण पर कार्रवाई बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांत बनाए रखने में जुटे हुए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।