भोपाल में ट्विशा शर्मा(Twisha Sharma Case) की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब इसमें एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने परिवार की याचिका पर अहम फैसला सुनाते हुए ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है। इस आदेश के बाद मामले की जांच एक नए चरण में पहुंच गई है जहां अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में दोबारा मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को इस दोबारा पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, आरोपी पति समर्थ सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वकील मृगेंद्र सिंह ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे प्रदेश के डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है। हालांकि, अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष जांच के हित में री-पोस्टमार्टम को मंजूरी दे दी।
2025 के दिसंबर महीने में हुई थी शादी
घटना की पृष्ठभूमि में जाएं तो 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद, 12 मई 2026 को उनकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया था, लेकिन परिवार ने इस निष्कर्ष पर गंभीर आपत्ति जताई और शुरू से ही इसे संदिग्ध मानते हुए जांच की मांग की।
परिवार का आरोप है कि प्रारंभिक रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं देती इसलिए उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया। इससे पहले जिला अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की याचिका खारिज कर दी थी लेकिन हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह अनुमति प्रदान कर दी है। अदालत के आदेशानुसार, ट्विशा के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि नई मेडिकल प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
दिल्ली AIIMS की टीम पहुंचेगी भोपाल
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) के वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक टीम इस मामले में शामिल की जाएगी। इस टीम का गठन एम्स के निदेशक डॉ. निखिल टंडन के निर्देशन में किया जाएगा और यह टीम जल्द ही भोपाल पहुंचकर पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अंजाम दे सकती है। माना जा रहा है कि यह पुनः परीक्षण पूरी तरह वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
इस बीच, आरोपी पति समर्थ सिंह के वकील ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि समर्थ सिंह फिलहाल फरार है। वहीं, मृतका के परिवार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की भी मांग की है ताकि जांच पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।