Thursday, February 19, 2026
HomeCurrent Newsसाउथ कोरिया में मार्शल लॉ का राजनीतिक असर, किम योंग ह्यून की...

साउथ कोरिया में मार्शल लॉ का राजनीतिक असर, किम योंग ह्यून की गिरफ्तारी और आत्महत्या की कोशिश

साउथ कोरिया के पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून ने हाल ही में आत्महत्या करने की कोशिश की, जब उन्हें मार्शल लॉ लगाने के विवाद में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। किम, जिनके खिलाफ देश में 3 दिसंबर को लागू किए गए मार्शल लॉ का आरोप था, को रविवार को सियोल में गिरफ्तार किया गया।

किम योंग को राष्ट्रपति यून सुक योल का करीबी माना जाता है, और उनके सुझाव पर ही राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री हान को दरकिनार करते हुए मार्शल लॉ लागू करने का फैसला किया था। इसके चलते प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट को इस निर्णय के बारे में जानकारी नहीं दी गई, जिससे प्रशासन में अराजकता फैल गई।

गिरफ्तारी के बाद, किम ने आत्महत्या का प्रयास किया, और इसके बाद से इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। किम योंग के खिलाफ झूठे आरोप लगाने और उन्हें गिरफ्तारी से पहले आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।

दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मार्शल लॉ लागू करने के बाद हुए फैसले से उपजे असंतोष के कारण, राष्ट्रपति के कई प्रमुख सहयोगी इस्तीफा दे चुके हैं। विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही हैं, और अगर नेशनल असेंबली में दो-तिहाई सांसद इसके पक्ष में वोट करते हैं तो राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाया जा सकता है।

3 दिसंबर को, राष्ट्रपति ने अचानक देश में मार्शल लॉ लागू करने की घोषणा की, लेकिन छह घंटे बाद ही इसे वापस ले लिया। राष्ट्रपति ने विपक्ष को देशविरोधी और उत्तर कोरिया के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया था, लेकिन इस फैसले के विरोध ने उनकी सरकार को संकट में डाल दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments