प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान खेल सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। दोनों देशों के साथ हुए समझौतों का उद्देश्य कोचिंग, खेल विज्ञान, हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, खेल अनुसंधान और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना है। यह पहल भारत की खेल क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी को भी मजबूती देगी।
खेल संबंधों को मिली नई दिशा
न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई मुलाकात के दौरान खेल सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने अत्याधुनिक खेल सुविधाओं और उपकरणों का अवलोकन किया तथा खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों से बातचीत की। इस अवसर पर दोनों देशों ने स्पोर्ट्स जॉइंट एक्शन प्लान को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। यह वर्ष भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स पर फोकस
ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए रोडमैप फॉर स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन के तहत भारत में हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर विकसित करने, कोचों के प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, पोषण, खिलाड़ियों की फिटनेस और चोटों की रोकथाम जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के विश्वविद्यालय खेल अनुसंधान और प्रदर्शन विश्लेषण पर भी संयुक्त रूप से काम करेंगे।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी
भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा रखता है। सरकार का मानना है कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे खेल महाशक्तियों के साथ सहयोग से भारत का खेल पारितंत्र मजबूत होगा। इससे खिलाड़ियों की तैयारी, कोचिंग व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी, जो भविष्य में पदक जीतने की क्षमता को भी बढ़ा सकती है।
भारत के वैश्विक खेल रणनीति को नई पहचान
खेल कूटनीति अब भारत की सॉफ्ट पावर का अहम हिस्सा बनती जा रही है। खेल सहयोग के माध्यम से भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी और विश्व स्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इन समझौतों का प्रभाव भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और देश की वैश्विक खेल पहचान पर देखने को मिल सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान खेल सहयोग को नई दिशा मिली है। दोनों देशों के साथ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, हाई-परफॉर्मेंस सेंटर और प्रतिभा विकास पर समझौते हुए हैं। सरकार का मानना है कि इससे भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी मजबूत होगी तथा देश को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

