पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पठानकोट में शुक्रवार को स्कूली बच्चों के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली। इस रैली में राज्यपाल और बच्चे करीब 3 किलोमीटर पैदल चले और लोगों, विशेषकर छात्रों को नशे के खतरों के प्रति सतर्क किया। उन्होंने सभी पंजाबियों से अपील की कि वे नशा मुक्त पंजाब बनाने में सक्रिय सहयोग दें।
राज्यपाल कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति, राज्यपाल या किसी विशेष पार्टी की जिम्मेदारी नहीं है। यह अभियान सभी पंजाबियों का साझा प्रयास होना चाहिए। केवल सरकार या प्रशासन पर निर्भर रहने से सफलता मिलना मुश्किल होगा। रैली में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक संगठन और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
नई पीढ़ी पर गंभीर प्रभाव
राज्यपाल ने रैली में कहा कि पंजाब में नशा एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे नई पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने परिवार और समाज को इस बुराई से बचाने में योगदान दें।
जन अभियान बनने तक असर सीमित
कटारिया ने बताया कि जब तक नशा विरोधी प्रयास लोगों का अपना अभियान नहीं बनता, तब तक समस्या का समाधान पूरी तरह संभव नहीं है। हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के कदम
राज्यपाल ने कहा कि सरकार नशा रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है। बीएसएफ, सेना और पंजाब पुलिस मिलकर काम कर रही हैं। कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनकी संपत्तियां जब्त की गईं।
पैदल रैली का संदेश
कटारिया ने इस पैदल यात्रा को लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस रैली से नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश समाज तक पहुंचा है और आने वाले समय में इस तरह के प्रयासों से नशा मुक्त पंजाब की दिशा में ठोस परिणाम मिल सकते हैं।
यह लेख पठानकोट में राज्यपाल के नेतृत्व में नशा विरोधी जागरूकता रैली की पूरी जानकारी सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है, जिससे पाठकों को घटना की गंभीरता और पहल की दिशा दोनों समझ में आती हैं।
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