चंद्रशेखर धरणी: हरियाणा में विधानसभा स्टाफ के सदस्यों को ट्रेनिंग दिलाकर एक नई पहल की शुरूआत करने वाले प्रदेश की विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण अब देश भर की विधानसभा के सदस्यों और स्टाफ को ट्रेनिंग दिलाना चाहते हैं। हाल ही में बिहार के पटना में हुए देश भर के विधनसभा अध्यक्षों के सम्मेलन में हरविंद्र कल्याण ने इस बात को रखा और लोकसभा की प्राइड विंग से सभी को ट्रेनिंग दिलाने के लिए कहा। विधानसभा अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की।
सम्मेलन में शामिल होकर लौटे संविधान के जानकार और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार रामनारायण यादव ने बताया कि इस प्रकार के सम्मेलन की प्रथा आजादी से भी पहले से चली आ रही है। इसकी शुरूआत 1921 में शिमला से की गई थी। उस समय अंग्रेज व्यक्ति एवाईके जो उस समय की लोकसभा के अध्यक्ष थे, ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस सम्मेलन में देश के संवैधानिक सिस्टम को मजबूत करने के लिए हर वर्ष कोई ना कोई प्रस्ताव पास किया जाता है। इस बार संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर संवैधानिक संस्थाओं के सदस्य और विधानसभा कैसे उन्हें जन-जन तक पहुंचा सकते हैं, इसका संकल्प लिया गया।
इस सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने अपने थोड़े से कार्यकाल के दौरान विधानसभा में किए गए कार्यों की जानकारी दी, जिनमें विधानसभा में ई-गर्वनेंस, ई-विधानसभा होना, पेपर लैस विधानसभा होना, नोटिस ई-मेल पर भेजने और विधानसभा के स्टाफ को दिलाई गई ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा इस बार के सम्मेलन के दौरान सभी पीठासीन अधिकारियों ने संविधान में आस्था जताते हुए बाधा रहित सदन चलाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही संविधान के मूल्य को विभिन्न पंचायती राज और नगर पालिका के जरिए कैसे यूथ संसद तक पहुंचाया जाए, पर भी चर्चा की गई।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डिजिटल टेक्नॉलाजी पर जोर देने को भी कहा गया, जिससे विधानसभा सरकार और जनता के कामों में अच्छा किरदार निभा सके। इसके अलावा कईं अन्य मुद्दों पर भी इस सम्मेलन में चर्चा की गई। सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के साथ उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा भी शामिल हुए थे।

