Lashkar Terrorist Mohammad Usman Jatt: कभी-कभी असल जीवन में भी ऐसे सीन देखने या सुनने को मिल जाते हैं जिनको सुनकर पूरी फिल्मी लगता है। दरअसल, हाल ही में जम्मू-कश्मीर से पकड़े गए लश्कर के आतंकी मोहम्मद उस्मान जट्ट को लेकर जांच एजेंसियों के सामने कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ कर स्लीपर सेल तैयार करने आए इस आतंकी ने श्रीनगर में छिपकर हेयर ट्रांसप्लांट भी कराया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA की पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से गंजेपन से परेशान था और भारत में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी कर रहा था।
श्रीनगर में गुपचुप तरीके से पहुंचा क्लीनिक
जांच के मुताबिक, लाहौर का रहने वाला मोहम्मद उस्मान जट्ट उत्तर और मध्य कश्मीर में लश्कर की गतिविधियों में सक्रिय था। श्रीनगर के पहाड़ी इलाकों में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जरगाम और अबू हुरेरा नाम के आतंकियों से हुई। इसी दौरान उसे एक स्थानीय दुकानदार के बारे में बताया गया, जिसने खुद हेयर ट्रांसप्लांट कराया था।
बाद में उस्मान उस दुकान पर लगातार आने-जाने लगा और मदद मांगने लगा। इसके बाद उसे श्रीनगर के एक क्लीनिक में ले जाया गया, जहां उसने कई रात रुककर हेयर ट्रांसप्लांट का काम पूरा करवाया गया।
NIA पूछताछ में बदला नजरिया बताने का दावा
पूछताछ में उस्मान ने दावा किया कि पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में उसे कश्मीर के बारे में जो बातें बताई गई थीं, यहां आकर हालात उससे काफी अलग दिखे। उसने जांच एजेंसियों को बताया कि भारत और कश्मीर की वास्तविक स्थिति देखने के बाद उसका नजरिया बदलने लगा था। हालांकि एजेंसियां उसके इस दावे की भी गहराई से जांच कर रही हैं।
अबू हुरेरा के साथ हुआ था गिरफ्तार
पिछले महीने श्रीनगर पुलिस ने उस्मान और अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरेरा को गिरफ्तार किया था। अबू हुरेरा को लश्कर का लंबे समय से सक्रिय आतंकी माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों को जम्मू-कश्मीर के बाहर भारत के दूसरे राज्यों में स्लीपर सेल तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंप दी गई।
आधार, पैन और पासपोर्ट बनवाने की थी योजना
पूछताछ में सामने आया कि हेयर ट्रांसप्लांट के बाद उस्मान अपने साथी के साथ पहले जम्मू पहुंचा और वहां से स्लीपर बस के जरिए पंजाब के मलेरकोटला गया। अधिकारियों के मुताबिक, वह वहां रहते हुए तुर्की टीवी शो देखता था और अंग्रेजी सीखने की कोशिश कर रहा था।
उस्मान ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह भारत में आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहा था। उसका मकसद दूसरे पाकिस्तानी आतंकी उमर उर्फ खरगोश की तरह भारत से बाहर निकलने का था।
OGW नेटवर्क से जुड़े कई सुराग मिले
पूछताछ के दौरान उस्मान ने ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी दीं। इसके बाद श्रीनगर पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों तक पहुंच बनाई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मॉड्यूल
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह मामला इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि नवंबर 2025 में श्रीनगर पुलिस ने अल फलाह मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। जांच में पता चला था कि इस नेटवर्क में कई पढ़े-लिखे लोग और डॉक्टर भी शामिल थे, जिन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेला गया था।
जांच एजेंसियों ने उस समय Al Falah University से जुड़े डॉक्टर उमर-उन-नबी का नाम भी सामने रखा था। आरोप था कि पिछले साल 10 नवंबर को Red Fort के बाहर विस्फोटकों से भरी कार में हुए धमाके के दौरान वही कार चला रहा था। उस हमले में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं नेटवर्क
फिलहाल NIA और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां उस्मान के संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड और नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस खुलासे से भारत में सक्रिय अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क के कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
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