कोटक महिंद्रा बैंक(Kotak Mahindra Bank) ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13.4% बढ़कर 4,026.55 करोड़ रुपये पहुंच गया जो बाजार के अनुमान (3,663 करोड़ रुपये) से बेहतर है। बैंक की मुख्य आय का अहम संकेतक मानी जाने वाली शुद्ध ब्याज आय (NII) भी 8.1% बढ़कर 7,876 करोड़ रुपये हो गई जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,284 करोड़ रुपये थी। बैंक ने अपने शेयरधारकों के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 0.65 रुपये डिविडेंड देने की सिफारिश भी की है।
NPA में सुधार के संकेत
ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी सालाना 7% की बढ़ोतरी हुई और यह 5,855 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कुल ब्याज आय 4.8% बढ़कर 14,175 करोड़ रुपये रही जबकि ब्याज खर्च मामूली 0.9% बढ़कर 6,299 करोड़ रुपये हुआ। हालांकि, अन्य आय में 2.1% की गिरावट आई और यह 3,116 करोड़ रुपये पर आ गई।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक को राहत मिली है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.20% हो गया, जबकि नेट एनपीए भी 0.31% से घटकर 0.25% पर आ गया।
प्रोविजन घटने से मिला सहारा
तिमाही के दौरान प्रोविजन में 36% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 516 करोड़ रुपये रह गया, जिससे मुनाफे को मजबूती मिली। इस दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.67% रहा, जो एक साल पहले 4.97% और पिछली तिमाही के 4.54% के मुकाबले अलग रुझान दिखाता है। वहीं, फंड की लागत भी घटकर 4.45% पर आ गई, जो पिछले साल 5.09% थी। यह बैंक की लागत प्रबंधन क्षमता में सुधार का संकेत देता है।