शुक्रवार को ईरान ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में तैनात कई अमेरिकी सैन्य विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। यह कार्रवाई ईरान में कई जगहों पर रात भर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई, जिनमें कथित तौर पर कम से कम आठ लोग मारे गए थे।
IRGC का बड़ा नुकसान का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बयान में कहा कि उन्होंने “अमेरिका के कई रीफ्यूलिंग विमान और फाइटर जेट” नष्ट कर दिए हैं और “कई अन्य को भारी नुकसान” पहुंचाया है। उन्होंने जॉर्डन के लोगों से यह भी कहा कि वे अपने देश में “आक्रामक और इस्लाम-विरोधी अमेरिकियों के हितों” को निशाना बनाएं।
सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने ईरानशहर में ईरानी सैनिकों की हत्या के जवाब में सीरिया के अल-तनफ में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर हमला किया।
बदले की धमकियां जारी
ये नए दावे तब सामने आए हैं जब अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में सैन्य और बुनियादी ढांचे के ठिकानों पर, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के इलाके भी शामिल हैं, हमले किए हैं। तेहरान ने बदला लेने की कसम खाई है और चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसकी मिसाइलों और ड्रोन की रेंज में हैं। यह घटनाक्रम जॉर्डन की सेना द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ घंटों बाद हुआ कि उसने अपने क्षेत्र के ऊपर तीन ईरानी मिसाइलों को रोककर मार गिराया है।
तनाव की पृष्ठभूमि
इससे पहले फरवरी में, अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने सीरिया, जॉर्डन और इराक की सीमा के मिलन बिंदु पर स्थित अल-तनफ बेस से अपनी सेना हटा ली है। मार्च में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने कहा था कि उनका देश किसी भी संघर्ष से दूर रहेगा, जब तक कि उस पर हमला न हो।
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