ईरान(Iran) और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक बार फिर हालात गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। ईरानी मीडिया का दावा है कि हालिया अमेरिकी हवाई हमलों में अहवाज शहर स्थित शाहिद बघाई अस्पताल का वह हिस्सा प्रभावित हुआ हा जहां कैंसर से पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। हालांकि, इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के कई शहरों में हमलों की खबर
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार, कोनारक, रस्क, खोंदाब और खुर्रमाबाद सहित कई इलाकों में विस्फोट दर्ज किए गए। राजधानी तेहरान में भी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। ईरान का कहना है कि एक सैन्य बैरक को भी निशाना बनाया गया, जिसमें कई सैनिकों की मौत हुई। ईरान के दावों के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की जान गई है और करीब 300 की संख्या में लोग घायल हुए हैं।
इसके साथ ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकते थे। अमेरिका ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को रोका और क्षेत्र में समुद्री निगरानी को और मजबूत किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा टकराव
ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक उसके खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उसका रुख सख्त रहेगा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख रास्ता माना जाता है इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो इसके व्यापक आर्थिक और रणनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।