Friday, February 13, 2026
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बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जांच तेज, आज पंजाब और हिमाचल में कई ठिकानों पर जाएगी एजेंसियां

आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिकंजा कस दिया है। अब तक पंजाब के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और पूर्व पीए तलबीर सिंह गिल ने विजिलेंस के समक्ष उनके खिलाफ बयान दर्ज करवाए हैं।

आज विजिलेंस मजीठिया को पंजाब और हिमाचल में कई ठिकानों पर ले जाएगी। इसके लिए टीम कई वाहनों के काफिले में रवाना हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें किस ठिकाने पर ले जाया गया है। विजिलेंस का दावा है कि गवाहों के बयानों से उसे कई अहम जानकारियां मिली हैं, जो इस मामले में अहम भूमिका निभा सकती हैं। आज उन्हें सत्यापन के लिए अलग-अलग ठिकानों पर ले जाया जाएगा।

आइए अब तक विजिलेंस ने जिन चार लोगों के बयान दर्ज किए हैं, उनके बयानों की अहमियत समझते हैं-

1. पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय वो शख्स हैं जिनके कार्यकाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 2021 में कांग्रेस सरकार के दौरान मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस का केस दर्ज किया गया था। यह केस पूर्व डीजीपी की निगरानी में दर्ज किया गया था।

उनका साफ कहना है कि उस समय उन्होंने जो केस दर्ज किया था, वह ईडी की जांच पर आधारित था। वहीं, इस बार विजिलेंस ने 202ए में दर्ज केस को आधार बनाया है। उस समय सबूत थे, इस बार सबूत हैं।

2. निरंजन सिंह ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर हैं। जिन्होंने पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए 6000 करोड़ की ड्रग तस्करी के बाद आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। उन्होंने भोला समेत करीब 41 लोगों से पूछताछ की थी। वो बताते हैं कि भोला ने उनके सामने मजीठिया का नाम लिया था। उन्होंने 2013 में जांच शुरू की थी।

हालांकि मजीठिया उनके सामने पेश नहीं हुए। इस जांच के आधार पर पुलिस ने 2021 में मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज किया। उनके मामले में 17 लोगों को दोषी ठहराया गया है।

3. बोनी अजनाला भी मजीठिया के करीबी रहे हैं। मजीठिया के खिलाफ सबसे पहले उन्होंने ही बगावत की थी। उन्होंने इस बारे में उस समय के सीएम प्रकाश सिंह बादल को पत्र भी लिखा है। उनका साफ कहना है कि सत्ता और पिंडी, जिन्हें ड्रग तस्कर कहा जा रहा है, उनसे मजीठिया ने अपने घर पर जिगरी यार कहकर मिलवाया था। वे 2013 से ही इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

4. मजीठिया के पूर्व पीए तलबीर भी काफी अहम माने जाते हैं। उन्हें उनके दफ्तर से जुड़ी हर बात पता थी। उन्होंने अपना बयान भी दर्ज कराया है। वे भी अब मजीठिया से अलग हो चुके हैं।

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