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हरियाणा के बाद दिल्ली में भी बढ़ी SIR की डेडलाइन, 8 अगस्त तक जारी रहेगा डोर-टू-डोर अभियान

दिल्ली(Delhi) में मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की समयसीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह घर-घर सत्यापन अभियान 29 जुलाई तक समाप्त होना था लेकिन अब इसे 8 अगस्त 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

मतदाताओं को मिलेगा अतिरिक्त समय

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के मुताबिक, समयसीमा बढ़ाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या उसमें सुधार कराने का मौका देना है। खासतौर पर वे युवा, जिन्होंने हाल ही में मतदान के लिए पात्रता हासिल की है, या ऐसे नागरिक जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है उन्हें इस फैसले से लाभ मिलेगा।

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने की बदली तारीख

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की अवधि बढ़ाए जाने के बाद मतदाता सूची से जुड़े पूरे कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची पहले से निर्धारित 5 अगस्त की जगह 17 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त समय मिलने से घर-घर सत्यापन का काम बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा जिससे मतदाता सूची में दर्ज जानकारी ज्यादा सटीक बन पाएगी।

क्या कहती है नई समय सारणी ?

  • घर-घर सत्यापन अभियान: 8 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा।

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन: 17 अगस्त 2026।

  • दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि: 17 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक।

  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 19 अक्टूबर 2026।

मतदाता सूची से जुड़े इस अहम बदलाव किए जाने के पीछे का उद्देश्य है कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, जानकारी में सुधार कराने या किसी तरह की आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इससे अंतिम मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और बिना किसी गलती के तैयार करने में मदद मिलेगी।

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

निर्वाचन अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या सुधार कराने के अवसर से वंचित न रहे। निर्वाचन आयोग का मानना है कि संशोधित कार्यक्रम से मतदाता सूची और अधिक पारदर्शी, सटीक तथा अद्यतन बन सकेगी।

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