Wednesday, February 18, 2026
HomeCurrent NewsIndigo Crisis : इंडिगो को लेकर सरकार सख्त, दूसरी एयरलाइन की बढ़...

Indigo Crisis : इंडिगो को लेकर सरकार सख्त, दूसरी एयरलाइन की बढ़ सकती हैं फ्लाइट्स

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है। पायलटों की भारी कमी के चलते उसके संचालन पर बड़ा असर पड़ा है। इसी को देखते हुए सिविल एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए एयरलाइन को फरवरी तक अपनी उड़ानों की संख्या घटाने का निर्देश दे सकता है। बताया जा रहा है कि सर्दियों के शेड्यूल के दौरान रोज़ाना करीब 300 उड़ानें कम करने का आदेश दिया जा सकता है। सर्दियों का शेड्यूल अक्टूबर के अंतिम रविवार से लेकर मार्च के आखिरी रविवार तक लागू रहता है।

पायलटों की कमी से 5,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द

इंडिगो प्रतिदिन लगभग 2,300 फ्लाइट संचालित करती है, लेकिन पायलटों की कमी के कारण उसका नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति यह हो गई है कि सिर्फ इस महीने में ही एयरलाइन को 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।

इसी बीच केंद्र सरकार ने एयर इंडिया समेत अन्य एयरलाइनों से कहा है कि वे इंडिगो की कम हुई उड़ानों से पैदा होने वाली अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए अपनी सेवा बढ़ाएँ। डीजीसीए ने सोमवार को इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है, जहाँ उनसे पूछा जाएगा कि मौजूदा उपलब्ध पायलटों के साथ वे कितनी उड़ानें सुचारू रूप से चलाने में सक्षम हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एयरलाइन को अपनी भर्ती योजनाएँ, प्रशिक्षण क्षमता और क्रू मैनेजमेंट का विस्तृत रोडमैप सौंपना होगा, जिसके आधार पर डीजीसीए अगला कदम तय करेगा।

कोहरे का सीजन बढ़ा सकता है मुश्किलें

सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में उत्तर भारत में घने कोहरे की संभावना है। इससे उड़ानों में देरी और रद्द होने की संख्या और बढ़ सकती है, इसलिए सरकार पूरी सावधानी के साथ स्थिति पर नज़र रख रही है।

इंडिगो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन को अगले तीन महीनों में पायलटों की संख्या बढ़ाकर ही अपने पूरे शेड्यूल को सामान्य बनाना होगा। पायलट, खासकर कैप्टन के प्रशिक्षण की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, जिसमें कई महीनों तक ऑन-ग्राउंड और इन-फ्लाइट ट्रेनिंग शामिल होती है।

धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की कोशिश

इंडिगो ने रविवार को लगभग 1,650 उड़ानें संचालित कीं, जो शनिवार के 1,578 उड़ानों से अधिक हैं। बड़े पैमाने पर हुए व्यवधानों के बाद एयरलाइन धीरे-धीरे अपने सिस्टम को फिर से स्थिर करने की कोशिश कर रही है। पिछले पाँच दिनों में हजारों यात्री देश भर के अलग-अलग हवाई अड्डों पर फँसे रहे, जिसके कारण काफी नाराज़गी देखी गई। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन उन्हें समय पर उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए उचित प्रयास नहीं कर रही।

यह भी पढ़ें : रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments