गोरखपुर ने एआई फॉर आल अवेयरनेस प्रोग्राम के माध्यम से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा कर वैश्विक मान्यता हासिल की है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में केवल एक सप्ताह में 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण हुए, जबकि लक्ष्य केवल पांच लाख था।
आयोजक और सहयोगी संस्थान
कार्यक्रम का आयोजन एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने किया, जिसमें टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में गोरखपुर के प्रमुख विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों ने भी भाग लिया, जैसे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा और बीआईटी गीडा।
प्रमाण पत्र और सम्मान
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने ऐतिहासिक पंजीकरण के लिए प्रमाण पत्र सीएम योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। प्रमाण पत्र समारोह एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण के मंच पर आयोजित हुआ।
प्रोग्राम की विशेषताएँ
यह पूर्णतः निशुल्क प्रोग्राम प्रतिभागियों को एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड और OTP सुरक्षा तथा सुरक्षित डिजिटल प्रैक्टिसेस की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
इस उपलब्धि से गोरखपुर को एआई जागरूकता में वैश्विक पहचान मिली है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा मिला है। यह कार्यक्रम भविष्य में युवाओं को एआई के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में सहायक होगा।
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