एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में 13 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी कथित तौर पर टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में की गई। छापेमारी आज सुबह ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 के तहत संदिग्धों के ठिकानों पर शुरू हुई।
संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी
ED के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस की टीम ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर जिन जगहों पर छापेमारी की, उनमें नई दिल्ली में बाटला हाउस और मदनपुर खादर, उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, महाराष्ट्र में रायगढ़, और पश्चिम बंगाल में साउथ 24 परगना, नॉर्थ 24 परगना, कोलकाता और मुर्शिदाबाद शामिल हैं।
ED की टीम ECIR नंबर ECIR/LKZO/14/2024 के सिलसिले में मदनपुर खादर में ‘सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी’, नॉर्थ 24 परगना में ‘कबीरबाग मिल्लत एकेडमी’ और ‘हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम’ जैसे संस्थानों के साथ-साथ कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों की भी तलाशी ले रही है।
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा दर्ज की गई एक FIR से जुड़ा है। यह FIR एक ऐसे संगठित सिंडिकेट के बारे में है जो कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए नकली भारतीय पहचान पत्र बनवाने और देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें बसाने में मदद करने में शामिल था।
मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा, “शुरुआती जांच से एक गहरे वित्तीय नेटवर्क का पता चला है। इसमें कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाएं शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर भारी विदेशी चंदा मिलता था। वे इस पैसे को कई बैंक अकाउंट, ‘म्यूल अकाउंट’ और कई लेयर वाले ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करते थे।” ED की जांच में संदिग्ध लाभार्थियों को कैश निकालने और छोटी रकम ट्रांसफर करने का भी पता चला है।
READ MORE: महाराष्ट्र की जेलों में पैर रखने की जगह नहीं, आर्थर रोड जेल में क्षमता से तीन गुना बढ़े कैदी

