दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। सोमवार को रेखा गुप्ता सरकार ने इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस योजना की घोषणा विधानसभा चुनाव से पहले की गई थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया गया था। योजना के लिए वर्ष 2025 के बजट में 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था।
रक्षाबंधन पर शुरू हो सकती है योजना
सरकार इस योजना को 28 अगस्त, रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसी दिन पात्र महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजे जाने की संभावना है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2,500 रुपये की पूरी राशि सीधे खाते में नहीं आएगी। इसमें एक हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा किया जा सकता है, जबकि शेष राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?
‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का लाभ 21 से 60 वर्ष की महिलाओं को मिलेगा। आवेदिका पिछले कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदिका का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। जिन परिवारों में सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी हैं या जिनके पास कार है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
राशन कार्ड होगा अहम दस्तावेज
सरकार के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। हाल ही में दिल्ली में राशन कार्डों का सत्यापन किया गया है और अपात्र लोगों के नाम हटाए गए हैं। ऐसे में पात्र लाभार्थियों की पहचान में राशन कार्ड की अहम भूमिका रहेगी।
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