पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेताओं और कुछ कारोबारियों के ठिकानों पर लगातार हो रही छापेमारी के बीच शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के कई स्थानों पर भी ED ने दबिश दी। खास बात यह है कि बीते 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब मंत्री अरोड़ा को जांच एजेंसी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान(CM Mann) ने 9 मई को संगरूर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और केंद्र की नीतियों की आलोचना की।
बेअदबी कानून पर क्या बोले CM मान ?
प्रेस वार्ता के दौरान CM मान ने बेअदबी से जुड़े कानून पर भी अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कानून को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। मान ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में माहौल बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं और इसके पीछे राजनीतिक हित जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी लाभ के लिए तनाव और डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष करने वालों पर दी प्रतिक्रिया
बेअदबी कानून को लेकर विपक्षी रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए CM मान ने कहा कि पंजाब के अधिकांश लोग इस कानून के समर्थन में हैं जबकि विरोध कुछ खास परिवारों तक सीमित है। उन्होंने बिना नाम लिए बादल परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि वही इसका विरोध कर रहा है जिन पर पहले भी इस तरह के मामलों में सवाल उठते रहे हैं।
मान ने यह भी कहा कि राज्य में इस तरह की किसी अलग राजनीतिक या धार्मिक पहचान को बढ़ावा देने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कानून पूरी तरह लागू रहेगा क्योंकि इसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिल चुकी है।