बाराबंकी जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस(Barabanki Police) और प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कुख्यात ड्रग माफिया मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन की लगभग 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई NDPS एक्ट 1985 की धारा 68F(2) के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी नई दिल्ली के आदेश के आधार पर की गई है। इस आदेश के बाद अब इस संपत्ति को किसी भी अदालत से जारी नहीं कराया जा सकेगा।
अवैध कमाई से बनी संपत्ति
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अज्जन जैदपुर थाना क्षेत्र के टिकरा मुर्तजा गांव का रहने वाला है और लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। इसी अवैध धंधे से उसने भारी संपत्ति अर्जित की। फ्रीज की गई संपत्ति नवाबगंज नगर परिषद क्षेत्र में स्थित लगभग 558.70 वर्गमीटर का एक आवासीय मकान है जो उसकी पत्नी नगमी खातून के नाम दर्ज है। शनिवार को कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तहसीलदार प्रियंका शुक्ला और इंस्पेक्टर संतोष कुमार की मौजूदगी में संपत्ति को फ्रीज करने की प्रक्रिया पूरी की।
25 सालों से सक्रिय नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि अज्जन करीब 25 सालों से एक संगठित गिरोह के जरिए नशे के कारोबार में शामिल रहा है। इस दौरान उसने मादक पदार्थों की तस्करी कर न केवल आर्थिक लाभ कमाया, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर सामाजिक नुकसान भी पहुंचाया।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ में NDPS एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसे अंतरजनपदीय गैंग आईआर-09 में चिन्हित किया गया है और जिला प्रशासन ने उसे आधिकारिक रूप से ड्रग माफिया घोषित कर रखा है।