इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि इजरायल के हमलों में ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। एक संवाददाता सम्मेलन में नेतन्याहू ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर भी तीखा हमला किया और उन्हें इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कठपुतली करार दिया।
नए सर्वोच्च नेता पर तीखा हमला
रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से सामने आने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह आईआरजीसी के प्रभाव में काम कर रहे हैं। नेतन्याहू की यह टिप्पणी उस समय आई जब कुछ ही घंटे पहले ईरान के सरकारी टेलीविजन पर मोजतबा खामेनेई का बयान प्रसारित किया गया था, जिसमें उन्होंने हमले जारी रखने की बात कही थी।
ईरान की ओर से नहीं आया जवाब
इजरायल के दावों पर ईरान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि माना जा रहा है कि तेहरान जल्द ही इन आरोपों का खंडन कर सकता है। ईरानी सरकारी मीडिया में जारी बयानों और सर्वोच्च नेता के सार्वजनिक रूप से सामने न आने की खबरों ने भी स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोजतबा खामेनेई का पहला बयान
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच गुरुवार को अपना पहला बयान जारी किया। हालांकि यह बयान उन्होंने खुद कैमरे पर नहीं पढ़ा। सरकारी टेलीविजन पर इसे एक समाचार एंकर ने पढ़कर सुनाया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने की चेतावनी
अपने बयान में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रता चाहता है, लेकिन अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले जारी रखे जाएंगे। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखा जाएगा, ताकि ईरान के विरोधियों पर दबाव बनाया जा सके। मोजतबा खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला जरूर लेगा।
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