उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) के साथ कथित मारपीट और घसीटने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है।
डिप्टी एसएस के साथ मारपीट
जानकारी के अनुसार, हीराकुंड एक्सप्रेस में एक महिला यात्री के घायल होने के बाद डिप्टी स्टेशन अधीक्षक ने उसकी सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को कुछ देर रोकने का निर्णय लिया। इसी दौरान कथित तौर पर एक RPF कांस्टेबल और डिप्टी एसएस के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई।
डिप्टी स्टेशन अधीक्षक का आरोप है कि विवाद के दौरान कई RPF कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें हाथ-पैर पकड़कर प्लेटफॉर्म पर घसीटा गया। वायरल वीडियो में भी धक्का-मुक्की और कथित मारपीट जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। जबकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
वायरल वीडियो से बढ़ा मामला
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
5 आरपीएफ कर्मचारी सस्पेंड
मौजूदा तथ्यों के आधार पर आईपीएफ इंचार्ज सुरेंद्र चौधरी, एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बाल किशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे नियमों के तहत आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में एएससी आगरा कैंट, स्टेशन डायरेक्टर आगरा कैंट और एओएम आगरा को शामिल किया गया है। समिति सभी पक्षों के बयान दर्ज कर अपनी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी।
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