Surajkund Mela 2026 : 31 जनवरी से लगने वाला है सूरजकुंड मेला, जानें अबकी बार क्या होगा नया और खास…

39वां सूरजकुंड मेला 2026 में लगेगा। इस साल का मेला कई मायनों में खास होने वाला है, क्योंकि इस बार संस्कृति, खाने और सुविधाओं का दायरा काफी बढ़ाया गया है।

Jan 30, 2026 - 13:57
Jan 30, 2026 - 13:57
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Surajkund Mela 2026 : 31 जनवरी से लगने वाला है सूरजकुंड मेला, जानें अबकी बार क्या होगा नया और खास…
Surajkund Mela 2026

हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और पारंपरिक स्वाद के दीवानों के लिए खुशखबरी है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का इंतज़ार अब ज़्यादा लंबा नहीं रहा। साल 2026 में इसका 39वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जो पहले से कहीं ज्यादा भव्य और आकर्षक होने वाला है। इस बार मेले में नई थीम, बेहतर सुविधाएं और कई अनोखे अनुभव जोड़े गए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले सैलानी बिना किसी परेशानी के मेले का भरपूर आनंद उठा सकें।

कब आयोजित होगा सूरजकुंड मेला?

यह प्रसिद्ध मेला 31 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक फरीदाबाद के सूरजकुंड में चलेगा। मेला रोज़ाना सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। बच्चों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा गया है-उनके लिए झूले, खिलौनों की दुकानें और कई मज़ेदार एक्टिविटीज़ होंगी, ताकि वे पूरे समय खुश और व्यस्त रहें।

इस साल की खास थीम क्या है?

साल 2026 में सूरजकुंड मेले की थीम और भी दिलचस्प है। इस बार मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट चुना गया है, जबकि मिस्र (Egypt) को पार्टनर कंट्री बनाया गया है।

मेले में इन राज्यों और देश की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाएं, लोक संस्कृति और मशहूर व्यंजन देखने और चखने को मिलेंगे। मेघालय और यूपी के लिए अलग-अलग चार-चार विशेष फूड स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां उनके पारंपरिक स्वाद का अनुभव लिया जा सकेगा।

खाने के शौकीनों के लिए जन्नत से कम नहीं होगा मेला 

अगर आप नए-नए स्वाद आज़माने के शौकीन हैं, तो सूरजकुंड मेला आपके लिए परफेक्ट जगह है। थीम स्टेट्स के अलावा यहां असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प भी देखने को मिलेंगे।

देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगर और शेफ अपने खास स्टॉल लगाएंगे। जानकारी के मुताबिक, इस बार मेले में 100 से अधिक फूड स्टॉल लगाने की तैयारी है।

कितनी होगी टिकट की कीमत ?

  • मेले में प्रवेश के लिए टिकट लेना अनिवार्य होगा।
  • सामान्य दिनों में बड़ों का टिकट लगभग ₹120 से ₹150 तक रहेगा
  • वीकेंड पर टिकट की कीमत ₹150 से ₹200 हो सकती है
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री होगी
  • 5 साल से ऊपर के बच्चों का टिकट ₹60 से ₹100 के बीच रहेगा

ध्यान रखें, बच्चों के झूलों और कुछ खास एक्टिविटीज़ के लिए अंदर अलग से टिकट लेना पड़ेगा।

फैशन शो के साथ होगा कवि सम्मेलन

मेले की रौनक बढ़ाने के लिए इस बार भी मनोरंजन की कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्य चौपाल और छोटी चौपाल पर हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यहां ग़ज़ल संध्या, फैशन शो, कवि सम्मेलन, हास्य कार्यक्रम और संभव है कि कुछ बॉलीवुड के मशहूर गायक भी अपनी प्रस्तुति दें। यानी खरीदारी के साथ-साथ भरपूर मनोरंजन भी मिलेगा।

कैसे पहुंचें सूरजकुंड मेला?

मेले तक पहुंचना इस बार और भी आसान बनाया गया है।

नज़दीकी मेट्रो स्टेशन: बदरपुर

यहां से ऑटो या ई-रिक्शा लेकर सीधे मेले पहुंच सकते हैं।

बस सेवा: बल्लभगढ़ से 31 जनवरी से सुबह 7 बजे से हर 30 मिनट में बसें चलेंगी, जो सीधे मेले तक जाएंगी। बस का किराया लगभग ₹25 रखा गया है। इसके अलावा एयरपोर्ट से आने वाले पर्यटक कैब या टैक्सी लेकर आराम से सूरजकुंड पहुंच सकते हैं।

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