Rajasthan : हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों की महापंचायत, हरियाणा और पंजाब के किसान भी हुए शामिल
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को विशाल किसान महापंचायत आयोजित की गई।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को विशाल किसान महापंचायत आयोजित की गई। किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहां के नेतृत्व में पंजाब, हरियाणा, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के हजारों किसान इसमें शामिल हुए।
इंटरनेट बंद और धारा 163 लागू
बड़े जनसमूह को देखते हुए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और इलाके में धारा 163 लागू की। प्रशासन ने संगरिया कस्बे और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया। मंगलवार रात से ही पुलिस ने कस्बे के चारों मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी और बाहर से आने वाले लोगों की सख्त जांच की जा रही थी। प्रशासन ने टिब्बी में हुई पिछली घटना से सबक लेते हुए सतर्कता बरती है।
महापंचायत में की गईं प्रमुख मांगें
- महापंचायत में किसानों ने दो मुख्य मांगें रखीं एथेनॉल फैक्ट्री का MoU रद्द किया जाए।
- आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
किसान नेताओं ने घोषणा की कि अगली महापंचायत 11 फरवरी को टिब्बी के तलवाड़ा गांव में आयोजित की जाएगी।
क्यों हो रहा है विरोध ?
राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित यह एशिया की सबसे बड़ी एथेनॉल फैक्ट्री बताई जा रही है, जिसका स्थानीय किसान और ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इनके विरोध करने के मुख्य कारण हैं-
- जल संकट: किसानों का कहना है कि फैक्ट्री में रोजाना लाखों लीटर पानी की खपत होगी, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर घटेगा और दूषित जल से जमीन जहरीली हो जाएगी।
- पर्यावरण को होगा नुकसान : ग्रामीणों को डर है कि फैक्ट्री की चिमनियों से निकलने वाला धुआं और राख हवा को प्रदूषित करेगा, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ेगा।
- खेती पर असर: फैक्ट्री से निकले हुए जहरीले पदार्थ मिट्टी की उर्वरता को कम करेंगे। जिसकी वजह से कृषि भूमि बंजर हो जाएगी।
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