Punjab : सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम जारी, जालंधर में CM मान के नेतृत्व में दूसरे चरण का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने जालंधर के LPU में 'नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध' अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की।
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) पहुंचे। यहां ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही।
राज्यसभा सांसद और एलपीयू के चांसलर डॉ. अशोक मित्तल ने कहा कि पंजाब सरकार की इस मुहिम के सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं। उनके अनुसार, नशा तस्करों में डर का माहौल है और कई तस्कर पंजाब छोड़कर दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के बाद अब पंजाब का नशा-विरोधी मॉडल भी देशभर के लिए एक मिसाल बन रहा है।
क्या बोले केजरीवाल ?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ जिस गंभीरता और मजबूती के साथ अभियान चलाया जा रहा है, वैसा प्रयास देश के किसी अन्य राज्य में अब तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदले।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पर साधा निशाना
केजरीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने नशा खत्म करने की कसम तक खाई थी, लेकिन उनके कार्यकाल में नशे की समस्या और गहराती चली गई। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अब तक पंजाब पुलिस ने 28 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से करीब 88 प्रतिशत मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ बिना भेदभाव के कार्रवाई की है। छोटे स्तर से लेकर बड़े तस्करों तक किसी को बख्शा नहीं गया और किसी भी निर्दोष को फंसाने के लिए फर्जी केस नहीं बनाए गए। उन्होंने बताया कि पहली बार नशा तस्करों की अवैध कमाई से बने आलीशान मकानों और दफ्तरों पर बुलडोजर चलाकर सख्त संदेश दिया गया है।
‘अब पंजाब में अपराधियों के लिए जगह नहीं’
अपने भाषण में केजरीवाल ने कहा कि जिन नामों को लेने से पहले राजनेता कांपते थे, उन पर भी अब कानून का शिकंजा कस रहा है। उन्होंने अकाली नेता बिक्रम मजीठिया का उदाहरण देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने उन्हें जेल भेजकर यह साबित कर दिया है कि पंजाब में अब अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने युवाओं से नशे के खिलाफ इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की और कहा कि नशा मुक्त पंजाब ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
यह भी पढ़ें : एक सरपंच ऐसा भी…फर्जी मार्कशीट से लड़ा चुनाव, अब चढ़ा पुलिस के हत्थे...
What's Your Reaction?