Punjab कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, बदले गए दो मंत्रियों के विभाग...
पंजाब सरकार ने एक और बड़ा कैबिनेट फेरबदल किया है। संजीव अरोड़ा को लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट दिया गया है, जबकि डॉ. रवजोत सिंह को NRI मामलों के डिपार्टमेंट की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में अहम बदलाव करते हुए विभागों का पुनर्वितरण किया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को अब स्थानीय निकाय (नगर निकाय) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि डॉ. रवजोत सिंह को एनआरआई मामलों का विभाग सौंपा गया है।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यह सातवां मौका है जब भगवंत सिंह मान सरकार ने मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से अब तक कई मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं और कुछ को मंत्रिमंडल से बाहर भी किया गया है।
जुलाई 2025 में भी हुआ था बड़ा बदलाव
जुलाई 2025 में संजीव अरोड़ा को पहली बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। उसी समय कुलदीप सिंह धालीवाल को मंत्रिमंडल से हटाया गया था और उनका एनआरआई विभाग अरोड़ा को सौंपा गया था। उस फेरबदल को भी सरकार की कार्यशैली में सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया था।
इससे पहले सितंबर 2024 में भी मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव देखने को मिले थे। उस दौरान चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह, ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान को मंत्रिमंडल से हटाकर उनकी जगह पांच नए विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई थी।
फेरबदल की क्या है वजह ?
राजनीतिक हलकों में इन बदलावों को मंत्रियों के प्रदर्शन और हालिया उपचुनावों के परिणामों से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले तरुणप्रीत सिंह सोढ़ी के पास उद्योग और वाणिज्य विभाग था, जिसे बाद में संजीव अरोड़ा को सौंप दिया गया। इसके बदले सोढ़ी को पर्यटन, संस्कृति, श्रम और पंचायत जैसे विभाग दिए गए।
2022 में सरकार गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल का सिलसिला जारी है। अब तक 4 से 5 मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा चुका है, ताकि सरकार में संतुलन बना रहे और नई ऊर्जा लाई जा सके।
2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जुड़ा फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंत्रिमंडल में किए गए इन सभी बदलावों को अपनी स्वीकृति दे दी है।
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