Madhya Pradesh : "जिन्हें आना हो वो अपना धर्म बदलें..", उज्जैन के धार्मिक स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की उठी मांग
उज्जैन में गैर-हिंदुओं और मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठी है। तर्क यह दिया जा रहा है कि जिस तरह हिंदू कभी मक्का नहीं जाते, उसी तरह मुसलमानों का प्रवेश भी सिर्फ बाहरी टूरिस्ट इलाकों तक ही सीमित होना चाहिए।
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में हिंदू तीर्थस्थलों पर गैर-हिंदू और मुस्लिम समुदाय के प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी ने मांग की है कि महाकालेश्वर मंदिर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों में विधर्मियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि जैसे हिंदु मक्का में प्रवेश नहीं करते, उसी प्रकार मुस्लिमों की उपस्थिति भी धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए और उन्हें केवल बाहरी पर्यटन क्षेत्रों तक ही रोका जाए।
इस मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने भी खुलकर समर्थन जताया है। उनका कहना है कि हाल के वर्षों में हिंदू तीर्थ स्थलों पर तथाकथित ‘लव जिहाद’ के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिसे देखते हुए इस विषय पर तत्काल और कठोर निर्णय लिया जाना आवश्यक हो गया है।
लव जिहाद को बताया जा रहा मुख्य कारण
हिंदू संगठनों का दावा है कि उज्जैन के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बाहर से आए मुस्लिम युवक मंदिरों में प्रवेश कर हिंदू युवतियों से संपर्क करते पाए गए। कुछ घटनाओं के सामने आने के बाद यह मुद्दा लगातार गंभीर होता चला गया। संगठनों का आरोप है कि यह एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
इन्हीं कारणों को आधार बनाते हुए पंडे-पुजारी, महामंडलेश्वर और विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग की है कि उज्जैन सहित सभी प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सख्त नियम बनाए जाएं और तत्काल प्रभाव से उन पर अमल किया जाए।
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